100 से अधिक कॉलेजों में पहुंचेगी कांग्रेस, छात्रों तक पहुंचाएगी अपना अभियान
NEET और CBSE परीक्षा विवाद के बीच कांग्रेस ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को देशभर में विस्तार देने का फैसला किया है।
पार्टी के अनुसार वरिष्ठ नेता 100 से अधिक कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों और छात्रावासों में जाकर छात्रों से संवाद करेंगे और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर उनकी राय जानेंगे।
शिक्षा सुधार पर रहेगा फोकस
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को मजबूती देना है।
पार्टी का दावा है कि यह पहल केवल किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है,
बल्कि इसमें NEET, CBSE, अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को भी शामिल किया गया है।
संसद से सड़क तक कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस ने संसद में NEET और CBSE से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग की है।
वहीं, पार्टी ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया।
इस दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और एनसीपी (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले सहित कई विपक्षी नेताओं ने भी समर्थन जताया।
छात्रों से सीधा संवाद
पार्टी नेताओं ने विभिन्न राज्यों में छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
कांग्रेस का कहना है कि छात्रों को अपनी चिंताओं और सवालों को खुलकर रखने का अवसर दिया जा रहा है,
ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए व्यापक सुझाव सामने आ सकें।
कांग्रेस नेताओं का दावा
कांग्रेस नेताओं बी.एम. संदीप, अशोक तंवर और रोहित चौधरी ने अलग-अलग राज्यों में आयोजित
छात्र संवाद कार्यक्रमों में कहा कि अभियान का उद्देश्य छात्रों के मुद्दों को सामने लाना और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता व जवाबदेही की मांग करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने जैसी घटनाओं ने छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ाई है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर भी उठे सवाल
कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं।
पार्टी का दावा है कि इस घटना से देशभर में छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ी है।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि कनॉट प्लेस क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पत्थर और बोतलें फेंकी,
जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हुए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और RAF ने सीमित बल प्रयोग तथा आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
हाई कोर्ट ने मांगा जवाब
दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों पर कथित अत्यधिक बल प्रयोग से जुड़ी याचिकाओं पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है।
अदालत ने पुलिस कार्रवाई से जुड़े CCTV फुटेज और अन्य रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए हैं।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार किया है।
CJP प्रवक्ता विवाद भी चर्चा में
इसी बीच, संसद मार्च के दौरान बर्गर खाते हुए वीडियो वायरल होने के बाद CJP ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को पद से हटा दिया।
दहिया ने वीडियो जारी कर कहा कि उन्हें “बलि का बकरा” बनाया गया है और पार्टी के फैसले पर नाराजगी जताई है।















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