3 हफ्ते में सरेंडर का आदेश, ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटा
राजा रघुवंशी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कर दी है।
अदालत ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को पलटते हुए सोनम को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है।
तकनीकी गलती के आधार पर मिली थी जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निचली अदालतों ने केवल तकनीकी और दस्तावेजी त्रुटियों के आधार पर जमानत दे दी, जो गंभीर हत्या के मामले में उचित नहीं था।
अदालत ने माना कि हत्या जैसे मामले में आरोपी का बाहर रहना ट्रायल को प्रभावित कर सकता है।
क्या था मामला
यह मामला मई 2025 का है। मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की मेघालय में हनीमून के दौरान हत्या हो गई थी।
उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है।
उन्हें जून 2025 में गिरफ्तार किया गया था और उनके खिलाफ हत्या समेत कई धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है।
पुलिस की तकनीकी चूक बनी थी वजह
ईस्ट खासी हिल्स की जिला एवं सत्र अदालत ने अप्रैल 2026 में सोनम को जमानत दी थी।
अदालत ने माना था कि गिरफ्तारी के दस्तावेजों में तकनीकी त्रुटि थी। अरेस्ट मेमो में हत्या की सही धारा BNS की धारा 103(1) के बजाय गलती से धारा 403(1) लिख दी गई थी, जिसे अदालत ने प्रक्रिया में गंभीर खामी माना था।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार की अपील स्वीकार करते हुए जमानत रद्द कर दी।
हालांकि अदालत ने यह भी कहा कि यदि छह महीने के भीतर ट्रायल पूरा नहीं होता, तो सोनम रघुवंशी दोबारा जमानत के लिए आवेदन कर सकती हैं।















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