AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर फेंकी स्याही
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है।
7 अगस्त को आंदोलन के 14वें दिन वामपंथी छात्र संगठन AISA ने विधानसभा मार्च निकाला।
मार्च के दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर किसी ने स्याही फेंक दी, जिसके बाद कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मौके पर मौजूद सुरक्षाबलों ने स्थिति को संभाला और स्याही फेंकने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में लिया।
विधानसभा मार्च के दौरान हुआ हंगामा
JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में AISA की ओर से रांची में विधानसभा मार्च निकाला गया था।
प्रदर्शनकारी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ कार्रवाई और परीक्षा रद्द करने समेत अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
इसी दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकी गई। घटना के बाद सुरक्षाबलों ने संबंधित व्यक्ति को पकड़ लिया।
नेहा बोरा ने लगाया बीजेपी-RSS से जुड़े लोगों पर आरोप
घटना के बाद नेहा बोरा ने मीडिया से बातचीत में बीजेपी और RSS से जुड़े लोगों पर स्याही फेंकने का आरोप लगाया।
हालांकि, यह उनका आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
नेहा बोरा ने कहा कि इससे पहले 20 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान आंसू गैस और पैलेट गन के इस्तेमाल का दावा किया गया था।
उन्होंने कहा कि स्याही फेंके जाने की घटना से आंदोलनकारी डरने वाले नहीं हैं।
स्याही फेंकने वाला हिरासत में
मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने स्याही फेंकने वाले व्यक्ति को पकड़ लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी तत्काल पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी थी।
हिरासत में लिए गए व्यक्ति ने मीडिया के सामने नेहा बोरा को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की
और कहा कि उसने उनकी विचारधारा को लेकर स्याही फेंकी।
पुलिस की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई और आरोपी की पहचान को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
JPSC-JSSC आंदोलन 14वें दिन भी जारी
JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर झारखंड में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है।
छात्रों की मांगों को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत की कोशिशें भी चल रही हैं।
7 अगस्त को रांची के ADM और SDM भी आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत के लिए जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे।
अधिकारियों ने छात्रों से सरकार के साथ बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल की सूची में बदलाव करने को कहा।
अधिकारियों की ओर से सुझाव दिया गया कि प्रतिनिधिमंडल में केवल छात्रों को शामिल किया जाए और पत्रकारों तथा वकील के नाम हटाए जाएं।
बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल पर बनी सहमति की कोशिश
छात्रों ने अधिकारियों के सुझाव पर आपसी सहमति से निर्णय लेने की बात कही। छात्रों की ओर से कहा गया कि संशोधित
प्रतिनिधिमंडल की सूची शाम तक सरकार को भेजी जाएगी, ताकि बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
इस बीच, विधानसभा मार्च के दौरान नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की घटना ने आंदोलन के बीच नया विवाद खड़ा कर दिया है।
अब मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई और सरकार के साथ छात्रों की बातचीत पर नजर रहेगी।















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