बेस अस्पताल के MS डॉ. अच्युत नारायण पांडे से भी हुई बातचीत
मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं और मरीजों को मिल रही सुविधाओं को लेकर
बेस अस्पताल श्रीनगर के नवनियुक्त मेडिकल सुप्रिटेंडेंट (MS) डॉ. अच्युत नारायण पांडे से भी बातचीत की गई।
उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध आपातकालीन सेवाओं, एंबुलेंस व्यवस्था, कैथ लैब और डायलिसिस सेवाओं को लेकर जानकारी साझा की।
कैथ लैब को नियमित करने की तैयारी
डॉ. अच्युत नारायण पांडे के मुताबिक, श्रीनगर बेस अस्पताल की कैथ लैब को और प्रभावी बनाने के लिए शासन और
निदेशालय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कोशिश की जा रही है कि हर 15 दिन में एक कार्डियोलॉजिस्ट अस्पताल पहुंचकर मरीजों को सेवाएं दें।
इसके साथ ही महीने में कम से कम एक बार हृदय रोग से जुड़ी सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास है।
इसका उद्देश्य यह है कि मरीजों को एंजियोप्लास्टी और स्टेंट जैसी जरूरी सुविधाओं के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।
अगर यह व्यवस्था नियमित रूप से शुरू होती है तो श्रीनगर और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों के हृदय रोगियों को स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ सेवाएं मिल सकेंगी
और उन्हें इलाज के लिए देहरादून या ऋषिकेश जैसे शहरों तक जाने की जरूरत कम होगी।
तीन एंबुलेंस, एक ALS की सुविधा
MS डॉ. पांडे ने बताया कि श्रीनगर बेस अस्पताल में फिलहाल तीन एंबुलेंस उपलब्ध हैं। इनमें एक Advanced Life Support यानी ALS एंबुलेंस भी शामिल है।
गंभीर मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार जरूरत पड़ने पर उच्च स्तरीय उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश रेफर किया जाता है।
ALS एंबुलेंस गंभीर मरीजों को रेफर किए जाने के दौरान जरूरी मेडिकल सपोर्ट उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
डायलिसिस मरीजों की संख्या अधिक, मैनपावर बढ़ाने की तैयारी
अस्पताल में डायलिसिस कराने वाले मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण मौजूदा व्यवस्था पर दबाव बना रहता है।
इसे देखते हुए हंस फाउंडेशन के साथ MOU की प्रक्रिया चल रही है।
डॉ. पांडे के मुताबिक, प्रस्तावित व्यवस्था के तहत डायलिसिस की शिफ्ट बढ़ाने के साथ-साथ पर्याप्त
और प्रशिक्षित मैनपावर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाएगा।
इससे अधिक मरीजों को समय पर डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज देने पर जोर
बेस अस्पताल प्रशासन का फोकस गंभीर मरीजों को जल्द और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ विशेषज्ञ सेवाओं का दायरा बढ़ाने पर है।
कैथ लैब को नियमित करना, पर्याप्त एंबुलेंस व्यवस्था बनाए रखना और डायलिसिस सेवाओं में मैनपावर बढ़ाना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
श्रीनगर बेस अस्पताल गढ़वाल के बड़े हिस्से के लिए रेफरल सेंटर की भूमिका निभाता है।
ऐसे में स्थानीय स्तर पर हृदय रोग, डायलिसिस और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने से पहाड़ी क्षेत्रों के मरीजों को सबसे ज्यादा लाभ मिलने की उम्मीद है।















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