मैदानी इलाकों में गर्मी से हाल बेहाल
उत्तराखंड में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है।
पहाड़ी जिलों में जहां हल्की बारिश और गर्जन की संभावना जताई गई है, वहीं मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को प्रदेश के सात जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ
बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है, हालांकि फिलहाल कोई मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
इन जिलों में बारिश की संभावना
देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आज
- Dehradun,
- Tehri Garhwal,
- Uttarkashi,
- Rudraprayag,
- Chamoli,
- Bageshwar और
- Pithoragarh
जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम शुष्क बना रहने का अनुमान है।
देहरादून में कैसा रहेगा मौसम
राजधानी Dehradun में आसमान मुख्यतः साफ से आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है।
कुछ क्षेत्रों में गरज वाले बादल विकसित होने की संभावना जताई गई है।
अधिकतम तापमान करीब 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
भीषण गर्मी को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर
लगातार बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए Rudrapur में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. अग्रवाल ने वर्चुअल बैठक के जरिए जिले की सभी स्वास्थ्य
इकाइयों को हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए विशेष तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
अस्पतालों में 24 घंटे संचालित होंगे हीट स्ट्रोक वार्ड
सीएमओ ने निर्देश दिए हैं कि सभी सरकारी अस्पतालों में बनाए गए हीट स्ट्रोक वार्ड चौबीसों घंटे संचालित किए जाएं।
मरीजों की सुविधा के लिए वार्डों में एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा गया है।
इसके अलावा जीवन रक्षक दवाइयों और आवश्यक चिकित्सा संसाधनों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।
हल्के और सूती कपड़े पहनने तथा शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी गई है।
अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को चक्कर आना, तेज बुखार, उल्टी या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में संपर्क करें।
स्वास्थ्य योजनाओं की भी समीक्षा
बैठक के दौरान राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम और गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई।
संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
















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