- 9 अंकों पर आधारित सूत्र को मिली केंद्र सरकार से मान्यता
- केंद्र से मिला कॉपीराइट प्रमाणपत्र
कोटा के 18 वर्षीय युवा गणितज्ञ आर्यन सिंह ने गणित के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खोज की है, जिसे अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है।
आर्यन ने 9 अंकों पर आधारित एक नया गणितीय सूत्र विकसित किया है, जो गणितीय गणनाओं को सरल और तेज़ बनाने में सक्षम है।
इस सूत्र के लिए उन्हें केंद्र सरकार से इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी इंडिया से कॉपीराइट सर्टिफिकेट भी प्राप्त हुआ है, जो उनके नवाचार की मौलिकता और विशेषता को प्रमाणित करता है।
9 अंकों पर आधारित सूत्र से गणनाएं आसान
आर्यन ने अपने नए सूत्र में 9 अंकों तक के परस्पर गुणा को मेंटल मैथ तकनीक से हल करने की पद्धति पेश की है, जो पहले कभी भी गणित के क्षेत्र में उपलब्ध नहीं था।
इस सूत्र की मदद से अब बड़े आंकड़ों का गुणा आसानी से किया जा सकता है। यह नवाचार गणितीय गणनाओं को और अधिक प्रभावी और कम समय में हल करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
आर्यन का कहना है कि उनका उद्देश्य गणित को अधिक सुलभ बनाना था, ताकि छात्र और गणित प्रेमी इसे आसानी से समझ सकें और हल कर सकें। उनका यह सूत्र खासकर उन लोगों के लिए लाभकारी साबित होगा, जो गणित में तेज़ी से समाधान चाहते हैं।
एक और बड़ी उपलब्धि: एआई आधारित एग्रोबोट
आर्यन की गणितीय सफलता केवल एक पहलू है, बल्कि उनके पास पहले से कई अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं। उन्होंने “मेरा साथी एग्रोटेक” नामक एक एआई आधारित कृषि मशीन विकसित की है, जो कटाई, सिंचाई, और अन्य कृषि कार्यों में मदद करती है।
इसके साथ ही उन्होंने एक एप भी बनाया है, जो किसानों के लिए नई तकनीकी मदद प्रदान करता है। इस एप के लिए उन्हें MyGov.in वेबसाइट पर ब्रांड एम्बेसेडर भी नियुक्त किया गया है।
बचपन से था इनोवेशन की ओर रुझान
आर्यन के पिता जितेंद्र सिंह, जो इंद्रा गांधी नगर में ई-मित्र संचालित करते हैं, का कहना है कि उनके बेटे में बचपन से ही इनोवेशन की सोच थी। आर्यन ने अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान ही एग्रीकल्चर सेक्टर में नवाचार पर काम करना शुरू कर दिया था। अब वह गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज बूंदी से कम्प्यूटर साइंस में बीटेक कर रहे हैं और लगातार नए शोध और प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं।
आर्यन को मिल चुके हैं कई सम्मान
आर्यन का स्टार्टअप “मेरा साथी एग्रोटेक” एआई और नई तकनीकों के संयोजन से कृषि क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है। उनकी उपलब्धियों में अब तक 5 अंतर्राष्ट्रीय और 10 भारतीय पुरस्कार शामिल हैं, जिनमें राजस्थान राष्ट्रीय नवाचार पुरस्कार भी शामिल है।

Leave a Reply