स्टेट ब्यूरो
दिल्ली में शनिवार, 27 जुलाई की शाम को हुई बारिश के चलते ओल्ड राजेंद्र नगर के राउ IAS कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भर गया। जलभराव के कारण 3 स्टूडेंट की डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि शाम 7 बजे सूचना मिलने के बाद NDRF को बुलाया गया। देर रात को 3 स्टूडेंट के शव और 14 छात्रों को सुरक्षित निकाला गया।
शनिवार रात को बिल्डिंग में पावर कट के कारण बेसमेंट में बनी लाइब्रेरी का बायोमेट्रिक गेट जाम हो गया। स्टूडेंट अंधेरे में लाइब्रेरी के अंदर फंस गए। गेट बंद होने के कारण पानी शुरुआत में बेसमेंट में नहीं घुसा था, लेकिन कुछ मिनट बाद ही पानी का प्रेशर तेज हुआ और गेट टूट गया। गेट टूटने के बाद पानी तेजी से बेसमेंट में भरने लगा।
घटनास्थल पर मौजूद छात्र ने बताया कि बहाव इतना तेज था कि सीढ़ियां चढ़ना मुश्किल हो रहा था। कुछ सेकेंड में ही घुटनों तक पानी भर गया। ऐसे में स्टूडेंट बेंच पर खड़े हो गए। महज 2-3 मिनट में ही पूरे बेसमेंट में 10-12 फीट पानी भर गया। बाद में बच्चों को बचाने के लिए रस्सियां फेंकी गईं, लेकिन पानी गंदा था, इसलिए रस्सी दिखाई नहीं दी। कोचिंग मालिक अभिषेक गुप्ता और कोऑर्डिनेटर देशपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जलभराव के कारण बेसमेंट से पानी निकालने में हुई देर
फायर ऑफिसर के मुताबिक, फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियां भेजी गई थीं। सड़क पर पानी भरे होने के कारण शुरुआत में बेसमेंट से पानी नहीं निकल रहा था। कुछ देर बाद जब सड़क से पानी कम हुआ, तब जाकर बेसमेंट से पानी निकलना शुरू हुआ। हमने पंप लगाकर पानी निकाला। इसके बाद छात्रों के शव मिलना शुरू हुए।
पुलिस ने बताया कि रेस्क्यू के दौरान पानी में बेंच तैर रही थी। इसलिए बच्चों को बाहर निकालने में दिक्कतें हुईं। देर रात को जब रेस्क्यू आखरी चरण में था, तब भी 7 फीट तक पानी अंदर भरा हुआ था। 14 बच्चों को रस्सियों के सहारे सुरक्षित निकाला गया।
छात्रों का प्रदर्शन जारी
हादसे के बाद से कोचिंग सेंटर के बाहर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। छात्र एमसीडी और कोचिंग सेंटर के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि एमसीडी ने कहा है कि यह आपदा है लेकिन ये पूरी तरह से लापरवाही है। एक छात्र ने कहा, ‘मैं दो साल से यहां रह रहा हूं। आधा घंटा बारिश होने पर यहां घुटनों तक पानी भर जाता है। ये दो साल से लगातार हो रहा है। आपदा वो होती है जो कभी-कभार होती है लेकिन हम देख रहे हैं कि ये दो साल से हो रहा है।’