उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता “देवभूमि” के रूप में प्रसिद्ध है। लेकिन 2025 में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों के बाद राज्य “खेल भूमि (Khel Bhoomi)” के रूप में भी उभरने लगा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस बदलाव को राजनैतिक व सामाजिक दोनों स्तरों पर आगे बढ़ाने के लिए कई महत्त्वपूर्ण निर्णय ले चुके हैं।
राष्ट्रीय खेलों की विरासत
38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन उत्तराखंड में पहली बार राज्य गठन के बाद बड़े स्तर पर किया गया, जिसमें राज्य ने 103 पदक जीते और पदक तालिका में सातवां स्थान हासिल किया ।
हल्द्वानी, देहरादून, रुद्रपुर, पिथौरागढ़, हरिद्वार, नैनीताल, ऋषिकेश और श्रद्धापुर जैसे आठ प्रमुख शहरों में ट्रैक, स्टेडियम, स्विमिंग पूल सहित आधुनिक खेल पूर्वाधार तैयार किए गए । गोलापुर (हल्द्वानी) स्टेडियम में फ्लडलाइट, हीटेड स्विमिंग पूल और रात में राफ्टिंग जैसी सुविधाएं स्थापित की गईं, जिससे खेल आयोजन के स्तर को बढ़ावा मिला ।
खेल अकादमियों की स्थापना
खेलों के बाद इन इंफ्रास्ट्रक्चर का लम्बी अवधि उपयोग सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने “Sports Legacy Plan” तैयार किया। इसके तहत आठ शहरों में 23 खेल अकादमी खोलने का निर्णय लिया गया है, जिसमें लगभग ₹33 करोड़ खर्च किए जाएंगे ।
मुख्यमंत्री द्वारा भी इसकी घोषणा की गई है और इसमें चार सालाना लगभग 1,920 एथलीटों को प्रशिक्षण देना सुनिश्चित किया गया । साथ ही हल्द्वानी में भारत का पहला खेल विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा और यह शिलान्यास 29 अगस्त, यानी राष्ट्रीय खेल दिवस पर किया जाना है ।
सरकार ने वर्ष 2021 में नई खेल नीति लागू की थी, जिससे ओलंपिक अथवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को ₹1–2 करोड़ तक की प्रोत्साहन राशि, सरकारी नौकरी, छात्रवृत्तियाँ और खेल राजपत्र सम्मान जैसे अवसर मिलते हैं । साथ ही 4% सरकारी सेवा आरक्षण, कोचिंग व छात्रवृत्ति योजनाएँ भी खेल नीति में सम्मिलित की गई हैं ।
मुख्यमंत्री ने राज्य में “खेल भूमि” का संकल्प दोहराते हुए कहा कि ये फैसले खेल प्रतिभाओं के मनोबल को बनाए रखने और राज्य का खेल-संस्कृति मजबूत करने में सहायक होंगी ।
कानूनी निर्देश और सार्वजनिक उपयोग
उच्च न्यायालय ने हल्द्वानी और देहरादून के स्टेडियमों को प्रतिदिन सुबह 6 से शाम 8 बजे तक सभी खिलाड़ियों के लिए खोलने के निर्देश दिए हैं, ताकि सार्वजनिक उपयोग सुनिश्चित हो सके ।
यह कदम मुख्य सचिवों को आदेशित कर सुनिश्चित किया गया कि चाहे मैदान किसी को दिए जाए, उनसे रखरखाव की जिम्मेदारी ली जाए और कोच भी नियुक्त हों । इसके साथ राज्य सरकार ने ग्रामीण इलाकों के 18 स्टेडियमों में ओपन जिम की भी शुरुआत की है, जिसमें तीन उधमसिंह नगर में स्थित स्टेडियम भी शामिल हैं ।
Leave a Reply