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AI बनाम कानून: सिद्धार्थ लॉ कॉलेज में हुआ राष्ट्रीय सम्मेलन

180 शोध पत्रों का किया गया प्रस्तुतीकरण

देहरादून स्थित सिद्धार्थ लॉ कॉलेज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और न्याय व्यवस्था सेha जुड़ी चुनौतियों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया।

सम्मेलन का मुख्य विषय ‘जूरिस्प्रूडेंस इन द ऐज ऑफ एआई: इंटीग्रेटेड कांस्टीट्यूशनल वैल्यूज, कॉरपोरेट गवर्नेंस एंड एथिकल क्रिमिनल जस्टिस’ रहा।

AI और न्यायपालिका पर गहन चर्चा

सम्मेलन में देशभर से आए विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और शोधार्थियों ने AI के बढ़ते प्रभाव और उससे न्यायपालिका, संविधान तथा आपराधिक न्याय प्रणाली के सामने खड़ी नई चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।

प्राचार्य ने रखे 180 शोध पत्रों के निष्कर्ष

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शराफत अली ने सम्मेलन की समरी प्रस्तुत करते हुए बताया कि करीब 180 शोध पत्रों में AI से जुड़ी तकनीकी चुनौतियों और उनके समाधान पर महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आए हैं।

AI के लाभ और खतरे दोनों पर जोर

डायरेक्टर वी.के. महेश्वरी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि AI जहां विकास के नए अवसर खोल रहा है, वहीं इसके संभावित खतरों पर गंभीर शोध और अध्ययन भी आवश्यक है।

‘समुद्र मंथन’ जैसा सम्मेलन: कर्नल जैन

मुख्य अतिथि कर्नल आर.सी. जैन (रिटायर्ड) ने सम्मेलन को ‘समुद्र मंथन’ की संज्ञा दी। उन्होंने साइबर अपराध पर चिंता जताते हुए AI के उपयोग में ‘चेक एंड बैलेंस’ की जरूरत बताई और युवाओं को JAG विभाग में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।

आयोजन टीम और शोधार्थियों को सम्मान

देशभर से आए प्रतिभागियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शोधार्थियों को सम्मानित किया गया।

  • फर्स्ट अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस: टी. दिव्यांशी डोरा एवं टी. साई किरण (पेंडेकांती लॉ कॉलेज, हैदराबाद)
  • द्वितीय मेरिट अवार्ड: भारती जोशी (सिद्धार्थ लॉ कॉलेज)
  • तृतीय कमेंडेशन अवार्ड: खुशी श्रीवास्तव (सिद्धार्थ लॉ कॉलेज)

छात्र आयोजन समिति की सराहना

सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए छात्र समिति को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसमें स्वाति सिंह (प्रेसिडेंट) और सुनिधि सिंह (सेक्रेटरी) के साथ कई ब्रांच हेड्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

विशेषज्ञों ने किया सत्रों का संचालन

सम्मेलन के विभिन्न सत्रों की अध्यक्षता देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों ने की, जिनमें
डॉ. कांचल गुप्ता,
डॉ. राजेश कुमार,
डॉ. गिरीश कुमार कपिल और
डॉ. अर्चना भारद्वाज शामिल रहे।

रिसर्च और पब्लिकेशन सेल की अहम भूमिका

डायरेक्टर एडमिन डी.के. त्यागी ने कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए रिसर्च एंड पब्लिकेशन सेल के प्रयासों की सराहना की।

निष्कर्ष: AI के साथ संतुलित कानून की जरूरत

सम्मेलन में यह निष्कर्ष सामने आया कि AI के बढ़ते प्रभाव के साथ न्याय व्यवस्था में संतुलन, पारदर्शिता और नैतिकता बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि तकनीक का उपयोग समाज के हित में किया जा सके।

https://regionalreporter.in/bargi-dam-cruise-accident/
https://youtu.be/SygpkgP062w?si=qXnkf-N6Y2kmdobY
bharti joshi
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