प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश
ईद-उल-अजहा (28 मई 2026) के अवसर पर शहर प्रशासन ने कानून-व्यवस्था
और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से बड़ा निर्णय लिया है।
आदेश के अनुसार ईदगाह के निकट स्थित दीनदयाल पार्क सहित शहर के किसी भी सार्वजनिक स्थल पर नमाज़ अदा करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम पूर्व में उत्पन्न हुई स्थितियों और संभावित विवादों को देखते हुए उठाया गया है,
ताकि त्योहार के दौरान शांति एवं व्यवस्था बनी रहे।

प्रतिबंध का कारण
प्रशासन के अनुसार दीनदयाल पार्क में पूर्व में नमाज़ पढ़े जाने की घटनाओं को लेकर
स्थानीय नागरिकों द्वारा आपत्ति और रोष व्यक्त किया गया था।
इसके बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता
अधिकारियों ने कहा है कि शहर का माहौल किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो
और किसी भी तरह की विवाद या टकराव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए यह प्रतिबंध आवश्यक है।
प्रशासन का उद्देश्य है कि ईद का पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो।
प्रतिबंध लागू क्षेत्र
आदेश के अनुसार निम्न स्थानों पर नमाज़ पढ़ना प्रतिबंधित रहेगा:
- ईदगाह के निकट दीनदयाल पार्क
- शहर के सभी सार्वजनिक पार्क
- सड़कें, खुले मैदान और सार्वजनिक स्थल
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित धार्मिक स्थलों पर ही नमाज़ अदा करें और किसी भी प्रकार की अफवाह या विवाद से बचें।
साथ ही लोगों से त्योहार के दौरान भाईचारा, शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है।
शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
ईद के मद्देनज़र पुलिस और प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर रहेगा।
संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और लगातार निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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