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शिक्षा के नाम पर ‘धोखाधड़ी’ का खेल: उत्तराखंड के दो आयुष कॉलेजों के 34 छात्रों के प्रवेश रद्द

उत्तराखंड के दो आयुष मेडिकल कॉलेजों में बीएएमएस पाठ्यक्रम के तहत हुए 34 दाखिलों को भारतीय चिकित्सा पद्धति

राष्ट्रीय आयोग (NCISM) ने अवैध मानते हुए निरस्त कर दिया है। आयोग ने संबंधित छात्रों की आयुष आईडी जारी करने से भी

इनकार कर दिया है।

दो कॉलेजों के छात्रों पर असर

आयोग की कार्रवाई से रुड़की स्थित कोर मेडिकल कॉलेज ऑफ आयुर्वेद एंड हॉस्पिटल के 20 तथा हरिद्वार के अरोमा

आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के 14 छात्र प्रभावित हुए हैं। इसके बाद उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने दोनों

संस्थानों को छात्रों और अभिभावकों को स्थिति से अवगत कराने के निर्देश जारी किए हैं।

काउंसलिंग प्रक्रिया से बाहर पाए गए दाखिले

जानकारी के अनुसार, एनसीआईएसएम ने कॉलेजों के प्रवेश रिकॉर्ड का मिलान राज्य काउंसलिंग प्राधिकरण के आंकड़ों से

किया। जांच में संबंधित 34 छात्रों के नाम काउंसलिंग रिकॉर्ड में नहीं पाए गए। आयोग के नियमों के अनुसार विदेशी छात्रों को

छोड़कर सभी प्रवेश केंद्रीय या राज्य स्तरीय काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से ही किए जाने आवश्यक हैं।

आयुष आईडी जारी करने का आवेदन खारिज

बताया गया है कि दोनों कॉलेजों की ओर से छात्रों की आयुष आईडी जारी कराने के लिए आवेदन किए गए थे।

हालांकि आयोग ने नियमों के अनुरूप प्रवेश न होने का हवाला देते हुए इन आवेदनों को अस्वीकार कर दिया।

छात्रों और अभिभावकों में चिंता

दाखिले निरस्त होने के बाद प्रभावित छात्रों और उनके अभिभावकों में चिंता का माहौल है।

छात्रों का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से नियमित रूप से अध्ययन कर रहे थे और अब उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता

की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर

विशेषज्ञों का मानना है कि मामले की पूरी जांच कर जिम्मेदार पक्षों की भूमिका स्पष्ट की जानी चाहिए।

वहीं छात्र और अभिभावक अपने हितों की रक्षा तथा आगे की शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर समाधान की मांग कर रहे हैं।

https://regionalreporter.in/uttarakhand-movement-leader-vimala-kotiyal-passes-away/
https://youtu.be/P4dYKabSTrA?si=PtUpUfr980RIy5Wi
ganga asnora
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लेखिका बीते ढाई दशक से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय हैं.वर्ष 2015 से रीजनल रिपोर्टर के संपादक के पद पर कार्यरत हैं.

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