बोले- “हर मां को डर है कि सरकार उसके बच्चे को जेल में डाल देगी”
भीषण गर्मी के बीच जंतर-मंतर पर जुटा युवाओं का जनसैलाब
राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर
बड़ी संख्या में छात्र-युवा और समर्थक जुटे।
भीषण गर्मी के बावजूद प्रदर्शन स्थल पर युवाओं की भारी मौजूदगी देखने को मिली।
प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया, जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था
और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
“सरकार के खिलाफ बोलने वाले हर बच्चे के लिए मां को डर लगता है”
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने भावुक अंदाज में अपनी मां का जिक्र किया। उन्होंने कहा,
“मेरी मां को बहुत डर था कि मुझे यह सरकार जेल में डाल देगी। इस देश में उस हर मां को यह डर होता है जब उसका बच्चा सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है। आखिर कब तक हम इस सरकार से डरकर जिएंगे?”
उनके इस बयान पर प्रदर्शन स्थल पर मौजूद युवाओं ने जोरदार समर्थन जताया।
मंच पर भाषण के दौरान बिगड़ी तबीयत
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली की तेज गर्मी का असर अभिजीत दीपके की सेहत पर भी देखने को मिला।
भाषण के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद सहयोगियों ने उन्हें मंच से हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें पास में खड़ी गाड़ी में बैठाकर आराम कराया गया।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई
दीपके ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय संगठन की सोशल मीडिया
गतिविधियों को निशाना बना रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा, “लोग पूछते हैं कि आंदोलन और धरना देने से क्या होता है?
इससे यह साबित होता है कि हम जीवित हैं। सरकार हमें कीड़े-मकौड़े समझ सकती है, लेकिन हम अपने अधिकारों के लिए लड़ना जानते हैं।”
“यह एक लंबा संघर्ष है”
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए दीपके ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक दिन का नहीं बल्कि लंबी लड़ाई का हिस्सा है।
उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट हटाने और अकाउंट हैक करने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन इससे आंदोलन कमजोर नहीं होगा।
उन्होंने कहा, “आप हमारी पोस्ट डिलीट कर सकते हैं, लेकिन हमारी आवाज को खत्म नहीं कर सकते।”
सोनम वांगचुक ने भी दिया समर्थन
प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk ने भी इस प्रदर्शन का समर्थन किया।
दीपके ने मंच से उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका साथ आंदोलन को नई ऊर्जा देगा।
प्रदर्शन में शामिल युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही मांगों को अनदेखा किया गया तो आंदोलन और व्यापक हो सकता है।
छात्र-युवाओं की बड़ी भागीदारी
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्कूल-कॉलेज के छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी और युवा पेशेवर शामिल हुए।
कई प्रदर्शनकारी कॉकरोच के मुखौटे पहने नजर आए, जबकि कुछ के हाथों में राष्ट्रीय ध्वज और संविधान की प्रतियां थीं।
प्रतिभागियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर नारेबाजी की।
परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही की मांग
सीजेपी का कहना है कि उसका आंदोलन नीट, सीबीएसई, सीयूईटी,
एसएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए है।
प्रदर्शन से पहले संगठन ने प्रतिभागियों से शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीके से आंदोलन करने की अपील की थी।
दीपके ने समर्थकों से पुलिसकर्मियों का सम्मान करने और उन्हें फूल भेंट करने का भी आग्रह किया।
















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