ई-कॉमर्स के बढ़ते प्रभाव, पार्किंग संकट और छोटे व्यापारियों की समस्याओं को बताया प्रमुख मुद्दा
श्रीनगर व्यापार सभा चुनाव को लेकर महासचिव पद के प्रत्याशी छवि अग्रवाल ने अपना विजन और प्राथमिकताएं साझा की हैं।
उन्होंने कहा कि वह पहली बार व्यापार सभा का चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें व्यापारियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है।
साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य व्यापारियों के हितों की
रक्षा करना और व्यापार सभा को और अधिक मजबूत बनाना है।
व्यापार सभा के इतिहास को बताया प्रेरणा
छवि अग्रवाल ने कहा कि श्रीनगर व्यापार सभा केवल एक संगठन नहीं, बल्कि शहर की एक मजबूत संस्था है, जिसकी पहचान पूरे क्षेत्र में है।
उन्होंने बताया कि आसपास के कई शहरों में व्यापार सभाएं हैं, लेकिन श्रीनगर की विशेषता यह है कि यहां नियमित और लोकतांत्रिक चुनाव होते हैं।
उन्होंने व्यापार सभा को मजबूत बनाने में योगदान देने वाले वरिष्ठ व्यापारियों और पूर्व पदाधिकारियों को याद करते हुए कहा कि ओमप्रकाश अग्रवाल, अब्दुल वाहिद, जयदेव सदाना, यंत्र शाह,
रामानंद भट्ट और नेत्र मणि मिश्रा जैसे लोगों ने इस संस्था को मजबूत आधार दिया है।
व्यापार सभा को राजनीति से दूर रखने पर जोर
महासचिव पद के प्रत्याशी ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता व्यापार सभा को राजनीतिक प्रभाव से दूर रखना है।
उन्होंने कहा कि व्यापार सभा के बायलॉज में भी यह व्यवस्था है कि पदाधिकारी सक्रिय राजनीति से जुड़े न हों।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों के मुद्दे राजनीतिक नहीं बल्कि व्यावसायिक और प्रशासनिक होते हैं।
इसलिए संगठन का पूरा ध्यान व्यापारियों की समस्याओं के समाधान पर होना चाहिए।
जीएसटी, लेबर और खाद्य विभाग से जुड़े मुद्दे प्राथमिकता में
छवि अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों को जीएसटी, श्रम विभाग, खाद्य विभाग
और अन्य सरकारी नियमों से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
व्यापार सभा की जिम्मेदारी है कि इन मुद्दों को मजबूती से संबंधित विभागों के सामने रखा जाए।
उन्होंने कहा कि यदि वह निर्वाचित होते हैं तो विभिन्न सरकारी विभागों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर व्यापारियों की समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास करेंगे।
पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था पर फोकस
उन्होंने बाजार क्षेत्र में पार्किंग और ट्रैफिक को भी प्रमुख समस्या बताया। उनका कहना है कि व्यापारियों की वजह से
यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए ठोस योजना बनाई जानी चाहिए।
छवि अग्रवाल ने सुझाव दिया कि रामलीला मैदान को पार्किंग सुविधा के रूप में विकसित करने के लिए संबंधित समितियों
और प्रशासन से बातचीत की जाएगी, जिससे बाजार क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम हो सके।
ई-कॉमर्स और बड़े शोरूम से छोटे व्यापारियों को चुनौती
महासचिव प्रत्याशी ने कहा कि आज स्थानीय व्यापारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ई-कॉमर्स और बड़े रिटेल नेटवर्क हैं।
ऑनलाइन कारोबार और बड़े शोरूम के बढ़ते प्रभाव से छोटे व्यापारी प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने चिंता जताई कि आने वाले समय में क्विक-कॉमर्स सेवाओं और बड़े ब्रांडों के विस्तार से छोटे व्यापारियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
ऐसे में व्यापार सभा को संगठित होकर छोटे कारोबारियों के हितों की रक्षा करनी होगी।
अनुभवी टीम बनाने का वादा
छवि अग्रवाल ने कहा कि व्यापार सभा को मजबूत बनाने के लिए ऐसी टीम तैयार की जाएगी,
जिसे व्यापारिक मामलों की समझ हो और जो प्रशासन तथा सरकारी विभागों के सामने व्यापारियों की बात मजबूती से रख सके।
उन्होंने कहा कि वह पिछले 35 वर्षों से व्यापार से जुड़े हैं और प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से व्यापार सभा की गतिविधियों का हिस्सा रहे हैं।
उनका लक्ष्य व्यापार सभा के स्तर को और ऊंचाई तक पहुंचाना है, ताकि यह संगठन व्यापारियों के लिए और अधिक प्रभावी मंच बन सके।
व्यापारियों का विश्वास जीतने की कोशिश
छवि अग्रवाल ने कहा कि चुनाव परिणाम चाहे जो भी हो, उनका प्रयास हमेशा व्यापार सभा और व्यापारियों के हित में रहेगा।
उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत, संगठित और प्रभावशाली बनाना ही उनका मुख्य उद्देश्य है।

















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