चुनाव समिति ने बताया मतदान प्रक्रिया, सदस्यता नियम और पारदर्शी चुनाव कराने का दावा
श्रीनगर व्यापार सभा चुनाव को लेकर समिति संरक्षक दिनेश भट्ट ने संगठन के इतिहास
और चुनावी प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि श्रीनगर व्यापार सभा का इतिहास करीब 50 वर्षों पुराना है, जिसमें लंबे समय तक अलग-अलग पदाधिकारियों ने संगठन का नेतृत्व किया।
उन्होंने जानकारी दी कि शुरुआत में जयदयाल अध्यक्ष रहे, जबकि ओम प्रकाश अग्रवाल करीब 28 वर्षों तक अध्यक्ष पद पर कार्यरत रहे।
इसके बाद धीरे-धीरे युवा वर्ग की भागीदारी बढ़ी और लगभग
25 वर्षों से यहां नियमित रूप से चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से नेतृत्व चुना जा रहा है।
सदस्यता और मतदान की प्रक्रिया
समिति संरक्षक दिनेश भट्ट के अनुसार व्यापार सभा का सदस्य बनने के लिए निर्धारित नियम लागू हैं।
इसके तहत किसी भी व्यक्ति को श्रीनगर में कम से कम तीन वर्षों से व्यापार करना आवश्यक होता है।
इसके बाद ही उसे सदस्यता और मतदान का अधिकार मिलता है।
उन्होंने बताया कि इस बार कुल 1452 मतदाता मतदान करेंगे।
मतदान की तिथि और व्यवस्था
श्रीनगर व्यापार सभा चुनाव के लिए 12 जून को मतदान कराया जाएगा।
मतदान कल्याणेश्वर धर्मशाला में सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा। इसके बाद मतगणना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे।
विजेता प्रत्याशी का शपथ ग्रहण भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संपन्न कराया जाएगा।
चुनाव समिति का दावा – पारदर्शी व्यवस्था
चुनाव अधिकारी दिनेश भट्ट ने बताया कि वे कई वर्षों से इस चुनाव प्रक्रिया से जुड़े हुए हैं
और हर बार निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव संपन्न कराते आए हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार भी श्रीनगर व्यापार सभा चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जाएगा।
















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