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सरोकारों से साक्षात्कार

लंबित मांगों पर भड़के आयुष चिकित्सक, प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू

उत्तराखंड में आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सकों ने वर्षों से लंबित सेवा संबंधी मामलों के समाधान न होने पर प्रदेशव्यापी चरणबद्ध

आंदोलन शुरू कर दिया है। राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ का आरोप है कि शासन और विभागीय

अधिकारियों के समक्ष कई बार समस्याएं उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे चिकित्सकों में भारी नाराजगी है।

सेवा संबंधी मांगों को लेकर बढ़ा असंतोष

संघ के अनुसार विभागीय निदेशक की नियुक्ति, ACP/MACP प्रकरणों का निस्तारण, DACP लाभ, विभागीय पुनर्गठन, पदोन्नति

के अवसरों का विस्तार, अध्ययन अवकाश संबंधी विसंगतियां, स्थायीकरण और बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था जैसी कई मांगें

लंबे समय से लंबित हैं। चिकित्सकों का कहना है कि दुर्गम और सीमांत क्षेत्रों में सेवाएं देने के बावजूद उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है।

DACP और ACP मामलों में देरी पर सवाल

संघ ने कहा कि वर्ष 2022 में राज्य मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत DACP लाभ का शासनादेश अब तक जारी नहीं हुआ है।

वहीं ACP/MACP से जुड़े कई मामलों के लंबित रहने से चिकित्सकों को आर्थिक और सेवा संबंधी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

बायोमेट्रिक व्यवस्था को बताया अव्यावहारिक

चिकित्सकों ने पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क और इंटरनेट की समस्याओं का हवाला देते हुए आधार आधारित बायोमेट्रिक एवं

मोबाइल ऐप आधारित उपस्थिति व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि तकनीकी समस्याओं के कारण उत्पन्न

बाधाओं के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।

योग दिवस की तैयारियों पर असर की आशंका

21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के बीच शुरू हुए इस आंदोलन को लेकर चिंता बढ़ गई

है। आयुष विभाग के चिकित्साधिकारी योग प्रशिक्षण, जनजागरूकता अभियान और विभिन्न कार्यक्रमों के संचालन में महत्वपूर्ण

भूमिका निभाते हैं। ऐसे में आंदोलन लंबा खिंचने पर योग दिवस कार्यक्रम प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान

संघ द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 8 से 10 जून तक चिकित्साधिकारी काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं।

11 और 12 जून को आंदोलनात्मक गतिविधियां जारी रहेंगी, जबकि 13 जून को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन और

ओपीडी बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद 15 जून से प्रदेशभर में पूर्ण कार्य बहिष्कार और निदेशालय देहरादून में

अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

सरकार से समाधान की मांग

संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. नीरज कोहली और महासचिव डॉ. हरदेव सिंह रावत ने सरकार से चिकित्सकों की मांगों पर तत्काल

सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। उनका कहना है कि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

https://regionalreporter.in/yoga-instructors-protest-amidst-preparations-for-yoga-day/
https://youtu.be/C0eGfOcIh_U?si=iDh6aNy6VvkMI9Cd
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