216 चिकित्सकों को मिले थे नियुक्ति पत्र, तैनाती में लगा करीब एक महीना
उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए चयनित चिकित्सकों की तैनाती प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 14 मई 2026 को 216 चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाने के बावजूद स्वास्थ्य
विभाग उन्हें समय पर तैनाती नहीं दे पाया। विभाग ने करीब एक माह बाद उनकी पोस्टिंग सूची जारी की है।
चारधाम यात्रा सीजन में नहीं मिल सका नए डॉक्टरों का लाभ
सरकार को उम्मीद थी कि नियुक्ति पत्र मिलने के तुरंत बाद चिकित्सक विभिन्न अस्पतालों में सेवाएं देना शुरू कर देंगे,
जिससे चारधाम यात्रा के पीक सीजन के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्थाएं मजबूत होंगी।
हालांकि पोस्टिंग प्रक्रिया में देरी के चलते नए चिकित्सकों की सेवाएं समय पर उपलब्ध नहीं हो सकीं।
डॉक्टरों की कमी के बावजूद पोस्टिंग में देरी पर सवाल
राज्य के कई जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लंबे समय से चिकित्सकों के पद रिक्त चल रहे हैं।
ऐसे में नियुक्ति पत्र वितरण और वास्तविक तैनाती के बीच लगभग एक महीने का अंतराल स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
243 में से 27 चयनित चिकित्सकों ने नहीं दिखाई रुचि
चिकित्सा चयन बोर्ड द्वारा कुल 243 चिकित्सकों का चयन किया गया था,
लेकिन इनमें से केवल 216 अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र प्राप्त किए। जबकि 27 चयनित चिकित्सकों ने सरकारी सेवा ज्वाइन करने की दिशा में कोई पहल नहीं की।
जानकारों का मानना है कि निजी क्षेत्र में बेहतर वेतन, बड़े शहरों में रोजगार के अवसर और पर्वतीय क्षेत्रों में तैनाती की चुनौती के कारण कई चिकित्सक सरकारी सेवा से दूरी बनाते हैं।
मानसून सीजन में मिल सकेगा नए चिकित्सकों का लाभ
अब पोस्टिंग आदेश जारी होने के बाद नए चिकित्सकों की सेवाएं राज्य को मानसून सीजन के दौरान मिल सकेंगी।
मानसून में पहाड़ी क्षेत्रों में दुर्घटनाओं, जलजनित बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य चुनौतियों के बढ़ने की संभावना रहती है।
ऐसे में चिकित्सकों की तैनाती स्वास्थ्य विभाग के लिए राहत मानी जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने जताई उम्मीद
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि पोस्टिंग से संबंधित प्रक्रिया पूरी कर सूची जारी कर दी गई है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि नए चिकित्सकों की तैनाती से प्रदेश के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर होगी और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।















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