देहरादून में आयोजित पहली राष्ट्रीय आइस हॉकी चैंपियनशिप में चंडीगढ़ का शानदार प्रदर्शन, पांच मैचों में 84 गोल दागकर बॉयज टीम बनी चैंपियन
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित पहली नेशनल आइस हॉकी चैंपियनशिप में चंडीगढ़ की अंडर-12 बॉयज टीम ने
शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। वहीं अंडर-12 गर्ल्स टीम ने भी बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते
हुए कांस्य पदक जीतकर चंडीगढ़ का नाम रोशन किया।
अंडर-12 बॉयज टीम ने जीते सभी मुकाबले
चंडीगढ़ की अंडर-12 बॉयज टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही। खिलाड़ियों ने एक भी मैच नहीं गंवाया और सभी मुकाबलों में
प्रभावशाली जीत दर्ज करते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। सीमित संसाधनों और समर्पित आइस हॉकी मैदान के अभाव
के बावजूद टीम ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया।
पांच मैचों में 84 गोल, विरोधी टीमों पर रहा दबदबा
चंडीगढ़ ने अपने पहले मुकाबले में राजस्थान को 16-0 से हराया। दूसरे मैच में तमिलनाडु को 12-1 से मात दी।
तीसरे मुकाबले में महाराष्ट्र के खिलाफ टीम ने 23-2 की बड़ी जीत दर्ज की।
सेमीफाइनल में पंजाब को 21-1 से हराकर टीम ने फाइनल में प्रवेश किया।
खिताबी मुकाबले में कर्नाटक के खिलाफ भी चंडीगढ़ का दबदबा कायम रहा और टीम ने 12-2 से जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक हासिल किया। पूरे टूर्नामेंट में टीम ने कुल 84 गोल किए।
गर्ल्स टीम ने भी दिखाया दम, जीता कांस्य पदक
अंडर-12 गर्ल्स टीम ने भी शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने अपने पहले मैच में महाराष्ट्र को 22-0 से हराया, जबकि दूसरे मुकाबले में आंध्र प्रदेश को 10-4 से शिकस्त दी।
कर्नाटक के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में टीम को 3-2 से हार का सामना करना पड़ा,
लेकिन इसके बावजूद चंडीगढ़ की लड़कियों ने कांस्य पदक जीतकर प्रतियोगिता का सफल समापन किया।
कोचिंग स्टाफ की मेहनत रंग लाई
चंडीगढ़ की इस सफलता के पीछे कोच उज्जवल प्रताप सिंह और टीम मैनेजर आदित्य रामपाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी देखरेख में खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना बड़ी उपलब्धि है।
पूरे टूर्नामेंट में चंडीगढ़ टीम के प्रदर्शन की चर्चा होती रही।
उर्मिंदर पाल सिंह का भी रहा अहम योगदान
इनलाइन हॉकी के वरिष्ठ कोच उर्मिंदर पाल सिंह की वर्षों की मेहनत भी इस सफलता का बड़ा कारण मानी जा रही है।
उनकी देखरेख में खिलाड़ियों ने पहले इनलाइन हॉकी में पहचान बनाई और अब आइस हॉकी में भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है।
अब अंडर-15, अंडर-18 और सीनियर वर्ग पर नजरें
चैंपियनशिप का अगला चरण शुरू हो चुका है, जिसमें अंडर-15 वर्ग के मुकाबले खेले जा रहे हैं।
इसके बाद अंडर-18 और सीनियर वर्ग की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। चंडीगढ़ टीम से आगामी मुकाबलों में भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।















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