उत्तराखंड में हजारों जमाकर्ताओं की गाढ़ी कमाई से जुड़े बहुचर्चित LUCC
(लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी) घोटाले में अब बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच रिपोर्ट के आधार पर उत्तराखंड सरकार ने आरोपियों की संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
CBI जांच के बाद सरकार ने बढ़ाई कार्रवाई
LUCC के पदाधिकारियों पर जनता से अवैध रूप से धन एकत्र करने, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात,
आपराधिक षड्यंत्र और अनियमित जमा योजनाएं चलाने के आरोप हैं।
इन आरोपों के कारण हजारों निवेशकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
मामले की जांच CBI की एंटी करप्शन ब्रांच देहरादून को सौंपी गई थी।
तीन राज्यों में 34 अचल संपत्तियां चिन्हित
CBI जांच में आरोपियों से जुड़ी कुल 34 अचल संपत्तियां चिन्हित की गई हैं।
इनमें उत्तराखंड के देहरादून में 6, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, बाराबंकी और जालौन में 20
तथा महाराष्ट्र के नवी मुंबई और ठाणे में 8 संपत्तियां शामिल हैं।
BUDS Act 2019 के तहत हो रही कार्रवाई
राज्य सरकार ने BUDS Act 2019 की धारा 7(1) के तहत सचिव वित्त, उत्तराखंड शासन को सक्षम प्राधिकारी नामित किया है।
इसी आधार पर चिन्हित संपत्तियों की कुर्की और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं।
देहरादून की 6 संपत्तियों की कुर्की प्रक्रिया शुरू
सरकारी आदेश के अनुसार देहरादून स्थित 6 अचल संपत्तियों को अंतरिम रूप से कुर्क करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं।
इन संपत्तियों को स्थायी रूप से कुर्क करने के लिए 18 जून 2026 को प्रथम अपर जिला न्यायालय, देहरादून में प्रार्थना पत्र भी दाखिल किया गया है।
यूपी और महाराष्ट्र की संपत्तियों पर भी कार्रवाई तेज
उत्तर प्रदेश में चिन्हित 20 संपत्तियों और महाराष्ट्र के नवी मुंबई व ठाणे में
स्थित 8 संपत्तियों को अंतिम रूप से कुर्क करने के लिए संबंधित न्यायालयों से अनुमति मांगी गई है।
न्यायालय की मंजूरी मिलते ही इन संपत्तियों पर भी अंतिम कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित जमाकर्ताओं को राहत दिलाने पर फोकस
सरकार का कहना है कि कुर्क की गई संपत्तियों की नीलामी से प्राप्त धनराशि का उपयोग पीड़ित जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा और उनकी जमा पूंजी वापस दिलाने के लिए किया जा सकता है।
यह कार्रवाई केवल आपराधिक जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेशकों को राहत पहुंचाने की दिशा में भी बड़ा कदम माना जा रहा है।
क्या कहा वित्त सचिव ने
उत्तराखंड के वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि CBI की ओर से आरोपियों की संपत्तियों को
कुर्क करने की संस्तुति राज्य सरकार को भेजी गई है, जिस पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है।















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