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30 जुलाई 2026 से बदलेंगी गूगल की सेवा शर्तें

जानिए क्या है बदलाव और आप पर इसका क्या होगा असर

गूगल ने अपने करोड़ों उपयोगकर्ताओं को एक महत्वपूर्ण ईमेल भेजा है, जिसमें उनकी ‘सेवा की शर्तों’ (Terms of Service) को अपडेट करने की घोषणा की गई है।

यह बदलाव आगामी 30 जुलाई, 2026 से लागू होंगे।

गूगल का कहना है कि ये अपडेट न केवल कंपनी के बदलते बिजनेस मॉडल को दर्शाते हैं,

बल्कि उपयोगकर्ताओं के लिए यह स्पष्ट करते हैं कि गूगल उनसे क्या उम्मीद करता है और वे गूगल से क्या उम्मीद रख सकते हैं।

क्या है यह नया अपडेट और क्यों लाया जा रहा है?

गूगल के 20 पृष्ठों के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार,

इन शर्तों को आधुनिक बनाने का मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग का बढ़ता दायरा है।

सरल भाषा में समझें मशीन लर्निंग

मशीन लर्निंग (Machine Learning) एक ऐसी तकनीक है जिसमें कंप्यूटर को सीधे निर्देश देने के बजाय, उसे डेटा के जरिए ‘सीखने’ के लिए तैयार किया जाता है।

गूगल इसका उपयोग अनुवाद (Translation) को सटीक बनाने, स्पैम और मैलवेयर को रोकने, और सेवाओं को बेहतर बनाने में कर रहा है।

इस निरंतर सुधार प्रक्रिया में, गूगल समय-समय पर अपनी सुविधाओं को अपडेट करता रहता है, जिसमें कुछ फीचर्स को जोड़ना या हटाना शामिल है।

नई शर्तों में क्या हैं मुख्य बिंदु

गूगल के दस्तावेजों का विश्लेषण करने पर निम्नलिखित मुख्य बदलाव सामने आए हैं:

AI के गलत उपयोग पर सख्ती

गूगल ने स्पष्ट किया है कि सेवाओं का उपयोग धोखे या भ्रामक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जा सकता।

विशेष रूप से, ‘जेनरेटिव एआई’ (Generative AI) कंटेंट को मानवीय बताने या

भ्रामक रिव्यू बनाने जैसी गतिविधियों को अब ‘दुरुपयोग’ की श्रेणी में रखा गया है।

सुरक्षा मानक

स्पैमिंग, हैकिंग, या सिस्टम के साथ छेड़छाड़ (जैसे जेलब्रेकिंग या प्रॉम्प्ट इंजेक्शन) करने वालों पर

गूगल अब और अधिक सख्त रुख अपनाएगा।

उपयोगकर्ता की सामग्री और लाइसेंस

गूगल स्पष्ट करता है कि उपयोगकर्ता द्वारा अपलोड की गई सामग्री (फोटो, वीडियो, ईमेल, ब्लॉग) पर मालिकाना हक आपका ही रहता है,

लेकिन गूगल को इसे होस्ट करने, दिखाने और दुनिया भर में वितरित करने के लिए ‘रॉयल्टी-फ्री’ लाइसेंस की आवश्यकता होती है ताकि सेवाएं सुचारू रूप से चल सकें।

कानूनी जवाबदेही

भारत सहित विभिन्न क्षेत्रों के कानूनों के अनुरूप, गूगल ने विवादों को सुलझाने और अपनी कानूनी जिम्मेदारियों को और अधिक पारदर्शी बनाया है।

क्या यूजर्स को कुछ करने की जरूरत है

गूगल ने स्पष्ट किया है कि यदि उपयोगकर्ता अपनी सेवाओं का उपयोग जारी रखना चाहते हैं, तो उन्हें अलग से कोई कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है।

30 जुलाई, 2026 से ये शर्तें स्वतः प्रभावी हो जाएंगी। हालांकि, गूगल ने अभिभावकों को सलाह दी है कि

यदि उनके बच्चे सेवाओं का उपयोग करते हैं, तो वे इन शर्तों को उनके साथ जरूर साझा करें।

सावधानी: फिशिंग स्कैम से रहें सतर्क

ऐसे आधिकारिक ईमेल के नाम पर कई बार फिशिंग स्कैम भी होते हैं।

इसलिए, किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के बजाय, गूगल की आधिकारिक ‘Terms of Service’ वेबसाइट पर जाकर ही जानकारी पढ़ें।

https://youtu.be/UVlHuYkotc4?si=kMyoWtrXh9cNq0rs
https://regionalreporter.in/srinagar-garhwal-missing-minor-girl-case/
भारती जोशी
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