सीमावर्ती इलाकों में वाहनों की सघन जांच जारी, कर्णप्रयाग विवाद के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
चमोली जिले के कर्णप्रयाग में निहंग सिख यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के बाद
पूरे जिले को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
घटना में तलवार से हमले के कारण कई लोगों के घायल होने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी पुलिस बल और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस का सघन चेकिंग अभियान
रविवार को गैरसैंण उपजिलाधिकारी अबरार अहमद और कर्णप्रयाग सीओ होशियार सिंह पांगती ने पुलिस एवं पैरामिलिट्री बल के साथ गैरसैंण,
मेहलचौरी और पांडुवाखाल क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
इस दौरान सीमाओं से गुजरने वाले सभी वाहनों की गहन जांच की गई।
21 जून को किया गया था कर्णप्रयाग कूच का ऐलान
दरअसल, कुछ दिन पहले कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के दौरान तलवारबाजी की घटना सामने आई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए थे।
इसके बाद विभिन्न राज्यों के सिख समुदायों ने 21 जून को कर्णप्रयाग कूच का ऐलान किया था।
27 जून तक लागू रहेगी बीएनएस की धारा 163
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कर्णप्रयाग में 27 जून तक बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी है। साथ ही जिले के संवेदनशील और सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर निगरानी बढ़ा दी गई है।
प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की
कोतवाल गैरसैंण मनोज कुमार सिरोला ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए
सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती जारी रहेगी
तथा बाहरी जिलों से आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
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