उत्तराखंड विधानसभा के दूसरे दिन बुधवार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर सदन में हंगामा हुआ।
कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा भवन के बाहर धरना दिया।
सदन के भीतर भी विपक्षी विधायक वेल में पहुंचकर नारेबाजी करते रहे। हंगामे के चलते कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
210 करोड़ के मामले पर चर्चा की मांग
सत्र शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक विधानसभा भवन के बाहर धरने पर बैठ गए।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल विपक्षी नेताओं को मनाने पहुंचे।
सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्ष ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग उठाई।
कांग्रेस विधायक नियम 310 के तहत 210 करोड़ रुपये के मामले पर चर्चा चाहते थे।
मांग पूरी नहीं होने पर विधायक वेल में पहुंच गए और काले झंडे दिखाकर विरोध जताया।
कई बार स्थगित हुई कार्यवाही
विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही पहले सुबह 11:20 बजे तक और फिर दोपहर 12 बजे तक स्थगित की गई।
कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी विपक्षी विधायक भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग पर अड़े रहे।
इस बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विधानसभा में फोटो सेशन को लेकर भी विवाद हुआ।
भाजपा विधायक अरविंद पांडेय ने विपक्ष के फोटो सेशन से दूर रहने की निंदा की।
वहीं, विपक्ष ने विधायकों के साथ हुए व्यवहार का हवाला देते हुए फोटो सेशन पर सवाल उठाए।
सीएम धामी ने गैरसैंण को बताया महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण को उत्तराखंड की जनभावनाओं और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना है।
विधानसभा के दूसरे दिन अनुपूरक बजट पर चर्चा और मतदान के साथ नौ विधेयकों पर विचार एवं पारित करने की कार्यवाही भी प्रस्तावित है।
















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