डेढ़ दिन में ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
भराड़ीसैंण में बुधवार, 28 अक्टूबर को उत्तराखंड विधानसभा के सत्र के दूसरे दिन सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक घमासान देखने को मिला।
कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस और भाजपा के नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोप, विपक्ष का काम रोको प्रस्ताव और जनहित के मुद्दों पर चर्चा की मांग दिन की प्रमुख राजनीतिक गतिविधियां रहीं।
हालांकि, सत्र डेढ़ दिन भी नहीं चल सका। विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
प्रीतम सिंह ने रेखा आर्य से जुड़े आरोपों की जांच मांगी
कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोप उठाए।
उन्होंने दावा किया कि रेखा आर्य के पति ने भी उनके खिलाफ आरोप लगाए थे और मुख्यमंत्री से शिकायत की थी।
प्रीतम सिंह के मुताबिक, शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने करीब 210 करोड़ रुपये की संपत्ति और बरेली में कथित तौर पर बन रहे राजमहल का जिक्र करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
ये आरोप हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि और जांच के नतीजे सामने आना बाकी है।
रेखा आर्य ने कांग्रेस के शासनकाल पर उठाए सवाल
प्रीतम सिंह के आरोपों पर रेखा आर्य ने पलटवार किया।
उन्होंने वर्ष 2012 से 2017 के कांग्रेस शासनकाल का जिक्र करते हुए उस दौर के स्टिंग ऑपरेशन और कथित सौदेबाजी के मामलों को उठाया।
उन्होंने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष को आरोप लगाने से पहले अपने शासनकाल को भी देखना चाहिए।
यशपाल आर्य ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की मांग की
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि विपक्ष ने नियम 310 के तहत काम रोको प्रस्ताव लाने के साथ नियम 58 के तहत भी सूचनाएं दी हैं।
उन्होंने कहा कि सदन में जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों पर चर्चा होनी चाहिए।
यशपाल आर्य ने मांग की कि विपक्ष को विधानसभा के नियमों के तहत अपनी बात रखने का अवसर मिले।
उनके मुताबिक, सत्र के अंतिम दिन जरूरी मुद्दों पर चर्चा करना महत्वपूर्ण था।
मुख्यमंत्री धामी ने विपक्ष के प्रस्ताव पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष के काम रोको प्रस्ताव की मंशा पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास ठोस मुद्दे नहीं हैं और उसका उद्देश्य विकास कार्यों को रोकना है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर देश और प्रदेश में अराजकता का माहौल बनाने का आरोप भी लगाया।
डेढ़ दिन भी नहीं चला विधानसभा सत्र
भराड़ीसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र की कार्यवाही बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
सत्र डेढ़ दिन भी नहीं चल सका। इससे पहले दूसरे दिन सदन के बाहर नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला।
विपक्ष ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की मांग की, जबकि सत्ता पक्ष ने विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाए।
सत्र की अवधि और कार्यवाही को लेकर उठे सवालों के बीच यह भी अहम है कि सदन में किन मुद्दों पर चर्चा हो पाई और कौन से विषय चर्चा के लिए नहीं आ सके।
















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