स्वास्थ्य कर्मियों ने पेश की मिसाल
Badrinath National Highway पर लगातार लग रहे लंबे जाम के बीच स्वास्थ्य विभाग की महिला कर्मियों ने
मानवता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की अनूठी मिसाल पेश की।
विकट परिस्थितियों में स्कूटी से मौके पर पहुंचीं स्वास्थ्य कर्मियों ने सड़क किनारे वाहन में ही
गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराकर जच्चा और बच्चा दोनों की जान बचाई।
जाम में फंसी गर्भवती महिला की अचानक बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार Joshimath विकासखंड के किमाणा गांव निवासी गर्भवती महिला
Rajni Devi नियमित जांच के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोशीमठ जा रही थीं।
इसी दौरान जोगीधारा के पास हाईवे पर लगे लंबे जाम में उनका वाहन फंस गया।
अचानक महिला को तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।
हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार होने के कारण एंबुलेंस या अन्य वाहन समय पर मौके तक नहीं पहुंच सके।
स्थिति गंभीर होते देख परिजनों ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया।
स्कूटी से पहुंचीं ANM कर्मी
सूचना मिलते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र Joshimath की टीम हरकत में आ गई।
जाम की गंभीर स्थिति को देखते हुए एएनएम Mandakini और सलूड़ गांव की एएनएम Rajni ने स्कूटी से मौके तक पहुंचने का फैसला लिया।
दोनों स्वास्थ्य कर्मी जोगीधारा पहुंचीं, जहां स्थानीय आशा कार्यकर्ता Asha Devi के सहयोग से वाहन में ही सुरक्षित माहौल तैयार कर महिला का सफल प्रसव कराया।
स्वस्थ शिशु को दिया जन्म
स्वास्थ्य विभाग की तत्परता और महिला कर्मियों के साहसिक निर्णय की बदौलत Rajni Devi ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य टीम की खूब सराहना हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा- दोनों सुरक्षित
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र Joshimath के अधीक्षक Dr. Gautam ने बताया कि जाम के कारण महिला को अस्पताल लाना संभव नहीं था।
ऐसे में स्वास्थ्य टीम ने मौके पर ही प्रसव कराने का निर्णय लिया, जो पूरी तरह सफल रहा।
उन्होंने बताया कि स्टाफ नर्स और चिकित्सकीय टीम लगातार जच्चा-बच्चा दोनों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है
और फिलहाल दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।
स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले में अलर्ट मोड पर काम कर रहा है।
















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