अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया मुकदमा, आरोपी को भेजा गया जेल
चंपावत में सामने आए Champawat POCSO Case ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।
एक नाबालिग किशोरी के गर्भवती पाए जाने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए
आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार पीड़िता और आरोपी युवक नगर के एक प्रतिष्ठान में साथ काम करते थे।
इसी दौरान दोनों के बीच परिचय हुआ। कुछ समय बाद किशोरी को मासिक धर्म नहीं होने पर संदेह हुआ।
इसके बाद कराई गई चिकित्सीय जांच में उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई।
जानकारी के मुताबिक आरोपी युवक किशोरी को नगर के एक निजी अस्पताल लेकर गया था।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच के दौरान गर्भावस्था की जानकारी सामने आई।
चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा था, इसलिए अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन को इसकी सूचना दी।
अस्पताल की सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस
Champawat POCSO Case की जानकारी मिलते ही पुलिस और संबंधित विभाग हरकत में आ गए।
कोतवाली चंपावत प्रभारी निरीक्षक बीएस बिष्ट ने बताया कि आरोपी युवक के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पीलीभीत का रहने वाला है आरोपी
क्षेत्राधिकारी निहारिका सेमवाल ने बताया कि घटना 4 जून की है।
मामले में तत्काल धारा 64 बीएनएस और पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद का निवासी है
और वर्तमान में चंपावत में रह रहा था।
नाबालिग होने की हुई पुष्टि
चाइल्ड हेल्पलाइन की ओर से किशोरी की आयु 18 वर्ष से कम होने की पुष्टि की गई है।
इसके बाद मामला पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज किया गया।
पुलिस ने किशोरी की काउंसलिंग कर उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
मामले की विवेचना उपनिरीक्षक प्रियंका मौर्य द्वारा की जा रही है।
जांच के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि Champawat POCSO Case की गहनता से जांच की जा रही है।
जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
















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