हजारों नागरिकों ने सौंपा ज्ञापन
भैरव दत्त असनोड़ा
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण और पूरे पर्वतीय क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने की मांग को लेकर
स्थानीय नागरिकों ने सरकार के समक्ष बड़ा प्रस्ताव रखा है। सामाजिक कार्यकर्ता पवन नेगी के नेतृत्व में सरपंच हरेन्द्र सिंह
नेगी, पूर्व सैनिक धन सिंह नेगी और महिला मंगल दल की महिलाओं ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर गैरसैंण में AIIMS स्थापित करने की मांग की है।
हजारों नागरिकों का मिला समर्थन
ज्ञापन में गैरसैंण को राज्य के मध्य में स्थित बताते हुए यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की स्थापना की
आवश्यकता पर जोर दिया गया है। इस मांग के समर्थन में हजारों नागरिकों ने हस्ताक्षर कर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई है।

तीन माह में कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में सरकार से मांग की गई है कि आगामी तीन महीनों के भीतर गैरसैंण में AIIMS की स्थापना को लेकर आधिकारिक घोषणा की जाए।
साथ ही भूमि चयन, वित्तीय स्वीकृति और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को धरातल पर शुरू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
आंदोलन की चेतावनी
जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सरकार की ओर से कोई ठोस पहल
नहीं की गई तो क्षेत्र के नागरिक, युवा और सामाजिक संगठन उग्र जनआंदोलन और धरना-प्रदर्शन शुरू करने को मजबूर
होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
स्वास्थ्य अधिकार से जुड़ा मुद्दा
ज्ञापन में कहा गया है कि यह केवल एक मांग नहीं बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों के स्वास्थ्य अधिकार, बेहतर चिकित्सा
सुविधाओं और क्षेत्रीय विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। लोगों का मानना है कि गैरसैंण में AIIMS बनने से दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों
के लाखों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
















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