चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने बुजुर्गों
और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग भक्तों को लंबी कतारों
में खड़े होकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
सुबह-शाम अलग समय स्लॉट में होंगे दर्शन
मंदिर समिति द्वारा तैयार की गई विशेष SOP के तहत दोनों धामों में सुबह और शाम 30-30 मिनट का अलग
समय स्लॉट तय किया गया है। इस निर्धारित समय में केवल बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को ही दर्शन की अनुमति दी जाएगी।
पंजीकरण कराना होगा अनिवार्य
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में बनाए गए विशेष काउंटर पर पंजीकरण कराना
होगा। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से तय प्रक्रिया का पालन करने की अपील की है।
70 वर्ष से अधिक आयु वालों को मिलेगा लाभ
समिति के अनुसार 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के श्रद्धालुओं को इस सुविधा का लाभ दिया जाएगा।
इसके लिए उन्हें आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा, ताकि आयु का सत्यापन किया जा सके।
दिव्यांग श्रद्धालुओं को दिखाना होगा प्रमाणपत्र
दिव्यांग श्रद्धालुओं को विशेष दर्शन सुविधा के लिए अपना वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।
इसके बाद उन्हें निर्धारित स्लॉट में आसानी से दर्शन कराए जाएंगे।
श्रद्धालुओं को सम्मानजनक और सुरक्षित सुविधा देने का प्रयास
मंदिर समिति का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित
और सम्मानजनक दर्शन सुविधा उपलब्ध कराना है। अब तक इन श्रद्धालुओं को आम भक्तों की तरह ही लंबी
लाइनों में लगना पड़ता था।
चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं को बड़ी राहत
चारधाम यात्रा के बीच लागू की गई इस नई व्यवस्था को श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
इससे बुजुर्ग और दिव्यांग भक्त बिना परेशानी के दर्शन कर सकेंगे।















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