मरोड़ा गांव की ग्राम प्रधान वीरा रावत ने अपने साथ हुई अभद्रता और चरित्र हनन की घटना को सार्वजनिक करते
हुए समाज के सामने महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। 24 वर्षीय प्रधान ने आरोप लगाया कि
गांव के एक व्यक्ति ने उनके चरित्र को लेकर गलत बातें फैलाईं और विरोध करने पर उनके साथ बदसलूकी की।
“प्रधान लड़कों के साथ घूमती है” जैसी बातें फैलाई गईं
वीरा रावत ने बताया कि 13 मई की शाम वह गांव में विकास कार्यों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने गई थीं।
इसी दौरान उन्हें जानकारी मिली कि गांव का एक व्यक्ति दूसरे गांवों में उनके चरित्र को लेकर अपमानजनक बातें
कर रहा है। प्रधान ने जब उससे इस बारे में सवाल किया, तो वह गुस्से में आ गया।
हाथ पकड़कर गौशाला की ओर खींचने का आरोप
वीरा रावत का आरोप है कि आरोपी ने ऊंची आवाज में अभद्रता करते हुए उनका हाथ पकड़ लिया और
जबरदस्ती गौशाला की ओर खींचने लगा। उन्होंने बताया कि आरोपी बार-बार कह रहा था,
“चल तुझे गौशाला के अंदर लेके जाता हूं।” इस दौरान उन्होंने खुद को छुड़ाने की काफी कोशिश की, लेकिन आरोपी नहीं माना।
“यह मेरे आत्मसम्मान और गरिमा पर हमला था”
वीरा रावत ने कहा कि एक महिला और गांव की निर्वाचित प्रधान होने के बावजूद उनके साथ ऐसा व्यवहार बेहद
अपमानजनक और मानसिक रूप से तोड़ देने वाला था। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं घर से बाहर निकलकर
समाज और गांव के विकास के लिए काम करती हैं, तब उनके चरित्र पर सवाल उठाना गलत मानसिकता को दर्शाता है।
महिलाओं से आवाज उठाने की अपील
ग्राम प्रधान ने कहा कि घटना के बाद आरोपी ने अपनी गलती की माफी मांग ली, लेकिन यह घटना उनके लिए
एक बड़ा सबक बन गई। उन्होंने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि अगर कोई उनके सम्मान को ठेस
पहुंचाए या डराने की कोशिश करे तो उसी समय आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुप रहना गलत लोगों
का हौसला बढ़ाता है और हर महिला को अपने आत्मसम्मान के लिए मजबूती से खड़ा होना चाहिए।















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