पुजारियों ने जताया कड़ा विरोध
विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में धार्मिक मर्यादाओं को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के जिलाधिकारी अविनाश सिंह अपने गनर के साथ मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे,
जहां उनका सुरक्षा कर्मी असलहे (कार्बाइन) के साथ मंदिर के गर्भगृह तक प्रवेश कर गया।
इस घटना की जानकारी मिलते ही पुजारियों और स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध जताया।
गर्भगृह में हथियार ले जाने पर बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह जागेश्वर धाम में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे थे।
इस दौरान वे अपने सुरक्षा कर्मी (गनर) के साथ गर्भगृह में प्रवेश कर गए। बताया जा रहा है कि गनर की कमर पर कार्बाइन असलहा मौजूद था।
डीएम ने वहां नवग्रह पूजा संपन्न कराई, जबकि सुरक्षा कर्मी पूरे समय गर्भगृह के भीतर मौजूद रहा।
पुजारियों ने जब इसका विरोध किया, तो सुरक्षा कर्मी ने डीएम की सुरक्षा और प्रोटोकॉल का हवाला दिया।
पुजारियों ने धार्मिक मर्यादा भंग होने का लगाया आरोप
घटना के बाद मंदिर परिसर में पुजारियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई।
पुजारियों ने कहा कि भगवान जागेश्वर के गर्भगृह में आज तक प्रधानमंत्री N
arendra Modi और मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की सुरक्षा के दौरान भी किसी प्रकार का हथियार अंदर नहीं ले जाया गया।
पंडित नवीन चंद्र भट्ट, पंडित मनोज भट्ट, पूरन भट्ट, व्यापार मंडल अध्यक्ष मुकेश भट्ट, पंडित गोपाल भट्ट,
पंडित बसंत भट्ट और खीमानंद भट्ट सहित कई पुजारियों ने इसे मंदिर की पवित्रता को आघात पहुंचाने वाला बताया।
“मंदिर की पवित्रता भंग नहीं होने देंगे”
पुजारियों ने स्पष्ट कहा कि मंदिर की धार्मिक परंपराओं और मर्यादाओं का पालन हर परिस्थिति में होना चाहिए।
उनका कहना है कि गर्भगृह में हथियार ले जाना पूरी तरह अनुचित है और इससे मंदिर की पवित्रता भंग होती है।
स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की है।
एएसआई ने दिए जांच और कार्रवाई के संकेत
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीक्षक पुरातत्वविद नीरज मैठाणी ने कहा कि मंदिरों की पवित्रता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मंदिर परिसर में नए फ्लेक्स बोर्ड लगाए जाएंगे,
जिनमें नियम और प्रतिबंध स्पष्ट रूप से लिखे जाएंगे।
उन्होंने कहा—
“धार्मिक स्थलों की गरिमा और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।”
वहीं देहरादून मंडल के एएसआई अधीक्षक मोहन चंद्र जोशी ने भी स्पष्ट किया कि मंदिर के गर्भगृह में हथियार ले जाना प्रतिबंधित है। पूरे मामले की जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कौन हैं बरेली डीएम अविनाश सिंह?
अविनाश सिंह वर्ष 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर के निवासी हैं।
वे गोरखपुर में नगर आयुक्त, मिर्जापुर में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) और अंबेडकर नगर में जिलाधिकारी रह चुके हैं।
वर्ष 2025 में उनका तबादला बरेली के जिलाधिकारी के रूप में हुआ था।
यह मामला अब प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया है और धार्मिक स्थलों में सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाम धार्मिक मर्यादा को लेकर नई बहस छिड़ गई है।















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