बालिकाओं के अधिकारों पर जागरूकता सत्र भी आयोजित
सेवा इंटरनेशनल भारत के ‘सेवा आरोग्यम’ कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व सामाजिक जागरूकता पर जोर
सेवा इंटरनेशनल भारत द्वारा सेवा आरोग्यम कार्यक्रम के अंतर्गत विकासखंड ऊखीमठ में
20, 21 और 22 जनवरी को तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविरों का सफल आयोजन किया गया।
इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुलभ, निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना रहा।
तीन दिनों में 160 मरीजों की OPD जाँच
ब्लॉक लीड ऊखीमठ जितेंद्र कुमार पुरोहित ने बताया कि
- 20 जनवरी को राऊलैक एवं बुरूवा ग्राम में 54 मरीजों की जाँच की गई।
- 21 जनवरी को मनसूना ग्राम में 55 मरीजों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया।
- 22 जनवरी को मक्कूमठ एवं परकंडी ग्राम में 51 मरीजों की OPD जाँच की गई।
शिविरों के दौरान अनुभवी चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परामर्श, आवश्यक जाँच एवं निःशुल्क दवाइयाँ उपलब्ध कराई गईं।

बालिकाओं के अधिकारों पर विशेष जागरूकता सत्र
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस से पूर्व स्वास्थ्य शिविरों के साथ-साथ बालिकाओं के अधिकारों पर जागरूकता सत्र भी आयोजित किए गए।
इन सत्रों में
- राजकीय इंटर कॉलेज राऊलैक की 11 बालिकाएँ,
- राजकीय इंटर कॉलेज मनसूना की 11 बालिकाएँ,
- चिल्ड्रन एकेडमी मक्कूमठ की 10 बालिकाएँ
शामिल रहीं।
सत्रों में बालिका अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, समानता, अपनी बात रखने का अधिकार
तथा भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना
और नंदा गौरा योजना की विस्तृत जानकारी दी गई।
बालिकाओं ने इन सत्रों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
हर माह लगते हैं नियमित शिविर
जितेंद्र कुमार पुरोहित ने बताया कि सेवा इंटरनेशनल भारत द्वारा प्रत्येक माह
20, 21 और 22 तारीख को राऊलैक, मनसूना, मक्कूमठ सहित
अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं।
साथ ही किशोरी समूहों के माध्यम से बालिकाओं और किशोरियों से जुड़े
सामाजिक व स्वास्थ्य विषयों पर निरंतर जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
संस्था द्वारा रुद्रप्रयाग एवं चमोली जनपद के दुर्गम क्षेत्रों में लगातार स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जा रही हैं।
स्वास्थ्य टीम का अहम योगदान
शिविर को सफल बनाने में स्वास्थ्य टीम के सदस्यों डॉ. दिव्या, राहुल रावत, आयुष रावत,
रिंकी पवार, मंजू, यशवंत नेगी, सुरेंद्र बिष्ट, प्रवाह समन्वयक मनोज बैंजवाल
एवं क्लस्टर समन्वयक पूनम का विशेष योगदान रहा।















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