डॉग लवर्स की याचिकाएं खारिज
Supreme Court of India ने डॉग लवर्स की उन सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिनमें सार्वजनिक संस्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने वाले आदेश को चुनौती दी गई थी।
कोर्ट ने नवंबर 2025 के अपने फैसले में किसी भी तरह का बदलाव करने से इनकार कर दिया।
सार्वजनिक जगहों से हटेंगे आवारा कुत्ते
जस्टिस Vikram Nath, Sandeep Mehta और N. V. Anjaria की बेंच ने कहा कि आवारा कुत्तों को सार्वजनिक जगहों से हटाकर शेल्टर होम्स में भेजा जाना चाहिए।
कोर्ट ने हमलों पर जताई चिंता
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि हाल के समय में कुत्तों के हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं।
बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इन हमलों का शिकार हुए हैं। अदालत ने कहा कि इसका असर पर्यटन पर भी पड़ रहा है।
आर्टिकल 21 का हवाला
जस्टिस संदीप मेहता ने कहा कि आर्टिकल 21 के तहत नागरिकों को बिना डर के सार्वजनिक स्थानों पर घूमने का अधिकार है।
ऐसे में आवारा कुत्तों के हमलों का डर लोगों के अधिकारों का उल्लंघन है।
राज्य सरकारों को दिए निर्देश
कोर्ट ने राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि वे जल्द से जल्द Animal Welfare Board of India के नियमों का पालन करें।
हर जिले में कम से कम एक एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर बनाने को भी कहा गया है।
रेबीज वैक्सीन उपलब्ध कराने का आदेश
अदालत ने सरकारों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि रेबीज वैक्सीन और इम्यूनोग्लोब्युलिन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो।
अधिकारियों को दी कार्रवाई की छूट
कोर्ट ने कहा कि निर्देशों का पालन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं होगी। जरूरत पड़ने पर खूंखार कुत्तों को काबू में करने के लिए बेहोशी का इंजेक्शन लगाने की अनुमति भी दी गई है।
National Highways Authority of India को हाईवे पर घूमने वाले मवेशियों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।















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