ईरान बोला- अमेरिका अपना रुख बदले तभी खुलेगा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार, 23 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक नक्शा साझा किया,
जिसमें दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ‘NEW US Territory’ यानी अमेरिका का नया इलाका दिखाया गया है।
ट्रंप इससे पहले भी इस जलमार्ग पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा कर चुके हैं।
ईरान ने ट्रंप के इस रुख को खारिज करते हुए कहा है कि जब तक अमेरिका अपना रुख नहीं बदलता
और उसकी शर्तें पूरी नहीं होतीं, होर्मुज को सामान्य रूप से नहीं खोला जाएगा।
इससे पहले ईरान ने कहा था कि जलमार्ग को खोलने के लिए अमेरिका को अपनी नाकेबंदी, प्रतिबंध और सैन्य दबाव से जुड़े कदमों में बदलाव करना होगा।
होर्मुज को लेकर विवाद
होर्मुज को लेकर मौजूदा विवाद अचानक शुरू नहीं हुआ।
ईरान और अमेरिका के बीच महीनों से जारी सैन्य और कूटनीतिक टकराव के बीच यह समुद्री मार्ग दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद बन चुका है।
जून में दोनों पक्षों के बीच एक अंतरिम समझौते की कोशिश हुई थी।
इसमें आगे बातचीत का रास्ता खोलने की बात थी, लेकिन होर्मुज पर नियंत्रण, अमेरिकी नाकेबंदी और प्रतिबंधों को लेकर मतभेद बढ़ते गए।
बाद में यह समझौता टूट गया और ईरान ने होर्मुज को खोलने के लिए अमेरिका के सामने कई शर्तें रख दीं।
इसके बाद अगस्त में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका का होर्मुज पर ‘पूरा नियंत्रण’ है
और उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका इस नियंत्रण को बनाए रख सकता है।
ईरान ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा कि होर्मुज उसके नियंत्रण और प्रबंधन में है
तथा अमेरिकी दावों से जमीनी स्थिति नहीं बदलती।
14 अगस्त को ट्रंप ने दी थी ‘अमेरिकी क्षेत्र’ बनाने की धमकी
14 अगस्त को ट्रंप ने इससे भी आगे बढ़ते हुए कहा था कि वह जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिका का क्षेत्र घोषित कर सकते हैं।
यह बयान सामने आने के बाद ईरान और अमेरिका के बीच पहले से जारी तनाव और बढ़ गया।
18 अगस्त को ट्रंप ने इसी तरह का नक्शा दोबारा साझा किया था।
उसी दौरान अमेरिका ने कहा था कि होर्मुज खुला है,
जबकि ईरान का कहना था कि जलमार्ग तब तक बंद रहेगा जब तक अमेरिका उसकी शर्तें नहीं मानता।
अब फिर ट्रंप ने शेयर किया वही नक्शा
23 अगस्त को ट्रंप ने एक बार फिर वही संदेश देने वाला नक्शा साझा किया।
इसमें होर्मुज को ‘NEW US Territory’ के तौर पर दिखाया गया है।
यह कदम ऐसे समय आया है जब अमेरिका ईरान पर नए और कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है
और दोनों देशों के बीच बातचीत को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
होर्मुज इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी और अरब सागर के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है।
युद्ध से पहले दुनिया के समुद्री रास्ते से होने वाले तेल और LNG व्यापार का करीब पांचवां हिस्सा इस मार्ग से गुजरता था।
यही वजह है कि यहां लंबे समय तक आवाजाही बाधित रहने से वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है।
हालांकि मौजूदा हालात में पूरी तरह आवाजाही बंद होने की तस्वीर भी एकरूप नहीं है।
हाल में ईरान ने कुछ इराकी तेल टैंकरों को विशेष अनुमति देकर होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी है, लेकिन सामान्य समुद्री यातायात अभी भी बुरी तरह प्रभावित है।
अमेरिका-ईरान तनाव में अगला मोड़ क्या?
अब विवाद सिर्फ समुद्री रास्ते को खोलने तक सीमित नहीं रह गया है।
अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की तैयारी में है, जबकि ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिका के साथ टकराव जारी रखने के संकेत दिए हैं।
ट्रंप का होर्मुज को अमेरिकी क्षेत्र बताने वाला नक्शा और ईरान का रास्ता बंद रखने का ऐलान—दोनों मिलकर संकेत दे रहे हैं कि इस अहम समुद्री मार्ग को लेकर टकराव अभी खत्म नहीं हुआ है। इसका असर सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।
















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