उत्तराखंड में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र समेत फर्जी दस्तावेजों के जरिए MBBS में दाखिला कराने
के मामले में एसआईटी ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या आठ हो गई है।
पुलिस के मुताबिक, रायपुर और क्लेमेंटटाउन थानों में दर्ज मुकदमों की जांच में आरोपियों की भूमिका सामने आई।
मामले की जांच एसपी ग्रामीण जया बलूनी के नेतृत्व में गठित एसआईटी कर रही है।
25 और 30 लाख रुपये देने का आरोप
जांच में सामने आया कि पूर्व में गिरफ्तार रूपेश पंडित मेरठ में मेकोडो पाठशाला नाम से एजुकेशन कंसल्टेंसी चलाता था।
आरोप है कि वह कमीशन लेकर विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिला दिलाने का काम करता था।
पुलिस के अनुसार, कुछ अभिभावकों ने अपनी बेटियों को MBBS में दाखिला दिलाने के लिए उससे संपर्क किया।
आरोप है कि इसके लिए फर्जी आधार कार्ड, मूल निवास और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र तैयार करवाए गए।
इन दस्तावेजों के बदले एक व्यक्ति ने 25 लाख और दूसरे ने 30 लाख रुपये दिए।
हरिद्वार के मेडिकल कॉलेज में दाखिले का मामला
एसआईटी के अनुसार, एक आरोपी ने कथित तौर पर फर्जी स्थायी निवास प्रमाण पत्र,
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र और आधार कार्ड का इस्तेमाल कर अपनी बेटी का हरिद्वार स्थित
जीएमसी मेडिकल कॉलेज में MBBS में दाखिला कराया। एक अन्य मामले में अभ्यर्थी को NEET काउंसलिंग में शामिल कराने का आरोप है।
एसपी ग्रामीण जया बलूनी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी मुजफ्फरनगर, हरिद्वार और बिजनौर के निवासी हैं।
एसआईटी दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले अन्य लोगों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।















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