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बिना लक्षण शरीर को नुकसान पहुंचाता है हाई बीपी

डॉक्टरों ने दी चेतावनी, बेस अस्पताल में रोज पहुंच रहे 30–50 हाई बीपी मरीज

श्रीनगर स्थित बेस अस्पताल में प्रतिदिन 120 से 160 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें लगभग 30 से 50 मरीज उच्च रक्तचाप (High BP) से पीड़ित पाए जा रहे हैं।

चिकित्सकों के अनुसार यह बीमारी अब केवल उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है।

“साइलेंट किलर” बनता जा रहा हाई ब्लड प्रेशर

डॉक्टरों का कहना है कि उच्च रक्तचाप एक ऐसी बीमारी है जो लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के

शरीर को नुकसान पहुंचाती रहती है, इसलिए इसे “साइलेंट किलर” कहा जाता है।

लाइफस्टाइल क्लिनिक से मिल रही नई उम्मीद

बेस अस्पताल में शुरू किए गए “लाइफस्टाइल क्लिनिक” का उद्देश्य केवल दवा देना नहीं, बल्कि मरीजों की जीवनशैली में सुधार करना है।

यहां मरीजों को संतुलित आहार, योग, व्यायाम, तनाव प्रबंधन और नींद सुधारने की सलाह दी जा रही है।

कब माना जाता है हाई ब्लड प्रेशर

डॉक्टरों के अनुसार सामान्य रक्तचाप लगभग 120/80 mmHg होता है।

यदि यह लगातार 140/90 mmHg या उससे अधिक बना रहे तो इसे उच्च रक्तचाप माना जाता है और तुरंत चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

हालांकि कई मामलों में हाई बीपी के लक्षण नहीं दिखते, लेकिन कुछ संकेत सामने आ सकते हैं:

  • लगातार सिरदर्द और चक्कर आना
  • धुंधला दिखाई देना
  • घबराहट और बेचैनी
  • सांस फूलना
  • सीने में दर्द
  • नाक से खून आना

डॉक्टरों के अनुसार अचानक बोलने में दिक्कत, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या तेज सीने का दर्द हार्ट अटैक या स्ट्रोक का संकेत हो सकता है।

युवाओं में तेजी से बढ़ रहा खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती जीवनशैली इसके बढ़ते मामलों की सबसे बड़ी वजह है।

फास्ट फूड, तनाव, नींद की कमी और शारीरिक गतिविधियों का अभाव युवाओं को तेजी से हाई ब्लड प्रेशर की ओर धकेल रहा है।

हाई ब्लड प्रेशर के प्रमुख कारण

  • मोटापा और मधुमेह
  • पारिवारिक इतिहास
  • तनाव और मानसिक दबाव
  • धूम्रपान और शराब
  • जंक फूड और अधिक नमक
  • शारीरिक गतिविधियों की कमी

शरीर के अंगों पर गंभीर असर

अनियंत्रित हाई बीपी से हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेलियर और आंखों की रोशनी कमजोर होने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

लंबे समय तक स्थिति बिगड़ने पर जान का जोखिम भी बढ़ जाता है।

बचाव के लिए जीवनशैली में बदलाव जरूरी

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • नमक और जंक फूड कम करें
  • रोज 30–45 मिनट वॉक करें
  • योग और ध्यान अपनाएं
  • पर्याप्त नींद लें
  • धूम्रपान व शराब से दूर रहें
  • वजन नियंत्रित रखें

दवाएं बंद करना हो सकता है खतरनाक

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि मरीज बिना सलाह दवाएं बंद न करें, चाहे रक्तचाप सामान्य दिख रहा हो।

इससे स्थिति दोबारा गंभीर हो सकती है।

हाइपरटेंसिव इमरजेंसी

जब रक्तचाप अचानक बहुत अधिक बढ़कर हृदय, मस्तिष्क या किडनी को प्रभावित करने लगे, तो यह स्थिति “हाइपरटेंसिव इमरजेंसी” कहलाती है।

यह मेडिकल इमरजेंसी है और तुरंत उपचार जरूरी होता है।

भारत में स्थिति चिंताजनक

विशेषज्ञों के अनुसार भारत में लगभग हर तीन वयस्कों में से एक व्यक्ति उच्च रक्तचाप से प्रभावित है,

यानी करीब 20–30 करोड़ लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं।

बेस अस्पताल में कई विशेषज्ञ डॉक्टर और पीजी चिकित्सक लगातार मरीजों का उपचार कर रहे हैं और ओपीडी, आईसीयू व कार्डियो सेवाओं में सक्रिय हैं।

https://youtu.be/9Uh5mRbFCJk?si=mPsUMi7eVvMu4QaM
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