मानसिक तनाव और गैस आपूर्ति दबाव बना वजह
श्रीनगर गढ़वाल में गढ़वाल मंडल विकास निगम की गैस एजेंसी के प्रबंधक दीपक कुमार द्वारा आत्मघाती कदम उठाने का मामला सामने आया है।
बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने हाथ की नस काट ली, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों के अनुसार गैस सिलेंडरों की आपूर्ति
को लेकर लगातार बढ़ते दबाव और मानसिक तनाव के कारण उन्होंने यह कदम उठाया।
अस्पताल में भर्ती, हालत खतरे से बाहर
घटना के तुरंत बाद दीपक कुमार को आनन-फानन में उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर ले जाया गया।
वहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया।
उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर के फिजिशियन डॉ. सौरभ समदर ने बताया कि मानसिक तनाव के कारण उन्होंने ऐसा कदम उठाया।
डॉक्टर के अनुसार उनकी हालत अब खतरे से बाहर है और जल्द ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
गैस आपूर्ति को लेकर लगातार बढ़ रहा था दबाव
स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले कुछ समय से श्रीनगर गढ़वाल में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारु नहीं चल है।
लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे थे, जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही थी।
बताया जा रहा है कि कई लोग लगातार एजेंसी पहुंचकर सिलेंडर की मांग कर रहे थे और प्रबंधन पर दबाव बना रहे थे।
इसी तनाव के चलते एजेंसी प्रबंधक मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे।
गैस सप्लाई व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
21 अप्रैल को रीजनल रिपोर्टर की ओर से पौड़ी एरिया गैस सेल्स मैनेजर से सवाल पूछे गए थे
जिसमें कि उनका कहना था कि शासन की ओर से जारी SOP के अनुसार ही गैस बांटी जा रही है।
एलपीजी की कोई दिक्कत नहीं है। उनका कहना था कि हो सकता है कि एजेन्सी की ओर से ऑर्डर नहीं लगाया गया हो
जबकि इसकी सप्लाई पर्याप्त हो रही है।
घटना ने खड़े किए गंभीर सवाल
एक गैस एजेंसी प्रबंधक द्वारा इतना बड़ा कदम उठाना यह संकेत देता है कि व्यवस्था के भीतर गंभीर दबाव और समस्याएं मौजूद हैं।
यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की मानसिक स्थिति का मामला नहीं, बल्कि गैस वितरण व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है।
अब जरूरत है कि प्रशासन इस मामले की गंभीरता से जांच करे और गैस आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी तथा सुचारु बनाए, ताकि आम जनता और कर्मचारियों दोनों को राहत मिल सके।
















Leave a Reply