3 मांगों पर बनी सहमति
वीडियो जारी कर बोले- छात्रों के खिलाफ नहीं होगी कार्रवाई, संसद में होगी चर्चा और पीड़ित परिवारों को मिलेगा मुआवजा
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिन तक चली अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद यह फैसला लिया गया।
अनशन समाप्त करने के बाद वांगचुक ने एक वीडियो जारी कर कहा कि सरकार उनकी तीन प्रमुख मांगों पर सहमत हुई है।
देर रात केंद्रीय मंत्रियों ने की मुलाकात
सोनम वांगचुक ने बताया कि गुरुवार देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह उनसे मिलने पहुंचे।
इस दौरान लद्दाख की एपेक्स बॉडी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। वांगचुक ने कहा कि पिछले दो दिनों से
सरकार के साथ लिखित आश्वासन को लेकर बातचीत चल रही थी और आखिरकार सहमति बनने के बाद उन्होंने अनशन समाप्त किया।
इन तीन मांगों पर बनी सहमति
वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि सरकार ने तीन अहम बिंदुओं पर लिखित भरोसा दिया है।
- जंतर-मंतर और ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई FIR या कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।
- पेपर लीक विवाद से जुड़े मृतक छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने पर विचार किया जाएगा।
- संसद में परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और जवाबदेही पर विस्तृत चर्चा की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या बोले?
सोनम वांगचुक ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट समय-सीमा या आश्वासन नहीं दिया गया।
हालांकि उन्होंने कहा कि छात्रों के हित और परीक्षा व्यवस्था में सुधार उनकी प्राथमिकता है।
‘भूख का कोई स्वाद नहीं होता’
अनशन समाप्त करने के बाद वांगचुक ने भावुक अंदाज में कहा कि 26 दिनों बाद कुछ खाने का मौका मिला और उसका स्वाद अच्छा लगा, लेकिन भूख का कोई स्वाद नहीं होता।
उन्होंने इस दौरान समर्थन देने वाले सांसदों, सामाजिक संगठनों और लद्दाख की एपेक्स बॉडी का भी आभार व्यक्त किया।
संसद में जारी है परीक्षा सुधार पर बहस
NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
विपक्ष संसद में परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहा है।
इसी बीच सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने को इस पूरे आंदोलन का अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।















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