अंकिता भंडारी हत्याकांड में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए व्हाट्सऐप चैट, टावर लोकेशन, टेलीफोनिक रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों पर हाईकोर्ट में विस्तार से बहस हुई।
मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता नवनीश नेगी ने बताया कि ट्रायल कोर्ट में जिन साक्ष्यों के आधार पर तीनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया था,
उन्हीं साक्ष्यों को हाईकोर्ट में जमानत के विरोध में मजबूती से रखा गया।
उनका कहना है कि बचाव पक्ष की ओर से इन साक्ष्यों की ऐसी कोई ठोस काट पेश नहीं की जा सकी, जिसके आधार पर अभियुक्तों को जमानत दी जा सके।
अंकिता की आखिरी बातचीत और मोबाइल लोकेशन बनी अहम कड़ी
सुनवाई के दौरान अंकिता की फोन बातचीत, व्हाट्सऐप चैट और मोबाइल लोकेशन से जुड़े साक्ष्यों का भी उल्लेख किया गया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, अंकिता रिसॉर्ट छोड़ने और मदद मांगने की बात कर रही थी।
उसकी आखिरी बातचीत और इसके बाद मोबाइल की गतिविधियां मामले की अहम कड़ियों में शामिल हैं।
अधिवक्ता नवनीश नेगी के अनुसार, 6, 8 और 18 सितंबर से जुड़े घटनाक्रम तथा उनसे संबंधित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों पर भी अदालत के सामने पक्ष रखा गया।
जमानत खारिज, लेकिन अपील पर मेरिट सुनवाई बाकी
हाईकोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि अभियुक्तों की अपील पर अंतिम फैसला हो गया है।
मामले की अपील पर मेरिट के आधार पर सुनवाई अभी बाकी है।
ऐसे में आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।
महिला संगठनों ने VIP एंगल पर फिर उठाए सवाल
अंकिता को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे महिला संगठनों ने जमानत खारिज होने को महत्वपूर्ण कदम बताया है,
लेकिन कथित VIP कनेक्शन को लेकर अपने सवाल फिर दोहराए हैं।
उत्तराखंड महिला मंच की उमा भट्ट ने कहा कि अंकिता को न्याय मिलने के साथ-साथ कथित VIP की पहचान, कॉल डिटेल और टावर लोकेशन से जुड़े सवालों का जवाब भी सामने आना चाहिए।
महिला मंच की कमला पंत ने इसे लंबे जनसंघर्ष की जीत बताते हुए कहा कि अब अपराधियों को
बचाने वालों की भूमिका भी सामने आनी चाहिए और कथित VIP का नाम उजागर करने की मांग जारी रहेगी।
अब तक अंकिता भंडारी केस में क्या हुआ
अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में ऋषिकेश के वनंत्रा रिजॉर्ट से लापता होने के बाद मामला सामने आया था।
जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता पर हत्या समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा चला।
ट्रायल कोर्ट ने तीनों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
इसके बाद तीनों ने हाईकोर्ट में सजा के खिलाफ अपील और जमानत की मांग की।
अब हाईकोर्ट ने तीनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं, जबकि उनकी अपील पर मेरिट के आधार पर सुनवाई अभी बाकी है।
वहीं, कथित VIP एंगल और उससे जुड़े सवालों को लेकर महिला संगठनों का आंदोलन भी जारी है।
















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