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फीफा वर्ल्ड कप के बीच पौड़ी में फुटबॉल का जुनून, हाई एल्टीट्यूड पर नेपाल समेत 12 टीमें दिखा रहीं दम

कंडोलिया महोत्सव में खेल प्रेमियों की उमड़ रही भीड़, पहाड़ की वादियों में गूंज रहा फुटबॉल का रोमांच

इन दिनों पूरी दुनिया फीफा वर्ल्ड कप फुटबॉल के रंग में रंगी हुई है। टीवी, मोबाइल और सोशल मीडिया पर दुनिया के बड़े

फुटबॉल सितारों की चर्चा हो रही है। इसी बीच उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में भी फुटबॉल का अलग ही उत्साह देखने को मिल

रहा है। कंडोलिया महोत्सव के तहत आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता में नेपाल समेत देशभर की 12 टीमें हिस्सा ले रही हैं और दर्शकों को रोमांचक मुकाबले देखने को मिल रहे हैं।

कंडोलिया मैदान बना फुटबॉल का केंद्र

पौड़ी के प्रसिद्ध कंडोलिया मैदान में आयोजित प्रतियोगिता में हर दिन बड़ी संख्या में दर्शक पहुंच रहे हैं।

शांत पहाड़ी वातावरण के बीच खेले जा रहे मुकाबले खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों दोनों के लिए खास अनुभव बन रहे हैं।

मैदान में खिलाड़ियों का जोश, शानदार ड्रिब्लिंग, सटीक पासिंग और गोल करने की होड़ दर्शकों को रोमांचित कर रही है।

हाई एल्टीट्यूड खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती

कंडोलिया मैदान समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित है। ऐसे में यहां खेलना खिलाड़ियों के लिए आसान नहीं माना जाता।

ऊंचाई वाले क्षेत्र में ऑक्सीजन का स्तर अपेक्षाकृत कम होने के कारण खिलाड़ियों की फिटनेस और स्टैमिना की असली परीक्षा

होती है। यही वजह है कि इस प्रतियोगिता को खिलाड़ियों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

नेपाल समेत देशभर की टीमें ले रही हैं भाग

इस प्रतिष्ठित फुटबॉल प्रतियोगिता में नेपाल 11 के अलावा देश के विभिन्न राज्यों और संस्थानों की टीमें हिस्सा ले रही हैं।

इनमें इनकम टैक्स दिल्ली, वेलोसिटी एफसी चंडीगढ़, नॉर्दर्न रेलवे दिल्ली, गढ़वाल हीरोज एफसी दिल्ली, एसकेएस स्पोर्ट्स

लुधियाना, बिहार रेजीमेंटल दानापुर, एफसीआई नोएडा, आईआईएमटी यूनिवर्सिटी मेरठ, एमएफसी गुरुग्राम, आईटीबीपी

लुधियाना और पौड़ी यूनाइटेड एफसी शामिल हैं।

युवा खिलाड़ियों को मिल रहा बड़ा मंच

उत्तराखंड हमेशा से खेल प्रतिभाओं की भूमि रहा है। इस तरह की प्रतियोगिताएं युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और

बड़े मंच तक पहुंचने का अवसर देती हैं। कई खिलाड़ी ऐसी स्थानीय प्रतियोगिताओं से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर

तक पहुंचे हैं। कंडोलिया फुटबॉल प्रतियोगिता भी युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रही है।

सीमित संसाधनों में शानदार आयोजन

पहाड़ी क्षेत्रों में बड़े खेल आयोजनों का सफल संचालन अपने आप में चुनौती होता है। इसके बावजूद आयोजकों ने खिलाड़ियों

और दर्शकों के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं की हैं। प्रतियोगिता खेल भावना को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय

संस्कृति के प्रचार-प्रसार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

लकी ड्रॉ भी बना आकर्षण का केंद्र

कंडोलिया महोत्सव में खेल प्रतियोगिता के साथ लकी ड्रॉ का भी आयोजन किया गया है। प्रथम पुरस्कार के रूप में वैगनआर

कार, द्वितीय पुरस्कार में मोटरसाइकिल और तृतीय पुरस्कार में स्कूटी रखी गई है। इसके अलावा एलईडी टीवी, लैपटॉप,

स्मार्टफोन, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, माइक्रोवेव, इंडक्शन और अन्य आकर्षक पुरस्कार भी शामिल हैं।

खेल और संस्कृति का संगम

कंडोलिया महोत्सव केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय संस्कृति, पर्यटन और युवाओं की प्रतिभा को

भी मंच प्रदान कर रहा है। फुटबॉल के जरिए पहाड़ की नई पीढ़ी अपने सपनों को उड़ान देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

https://regionalreporter.in/major-ukrainian-drone-attack-on-moscow/
https://youtu.be/UVlHuYkotc4?si=tCC_O1x8-f1g9ZNI
rishabh bisht
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