गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप ने जारी किए सख्त निर्देश
गढ़वाल मंडल मुख्यालय पौड़ी को लेकर लंबे समय से उठते रहे सवालों के बीच अब बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप ने मंडल मुख्यालय की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए
अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
कमिश्नर ने साफ किया है कि मंडल मुख्यालय केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा
और अधिकारियों को अपने निर्धारित मुख्यालय में बैठकर जनता के कार्यों का निस्तारण करना होगा।
वर्षों से उठते रहे हैं मंडल मुख्यालय की उपेक्षा के सवाल
गढ़वाल मंडल मुख्यालय के रूप में पौड़ी की स्थापना होने के बावजूद अधिकांश प्रशासनिक गतिविधियां देहरादून से संचालित होती रही हैं।
कई विभागों के कार्यालय पौड़ी में होने के बावजूद अधिकारी वहां नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहते थे।
इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ता था।
लोगों को अपने कार्यों के लिए या तो लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था या फिर देहरादून का रुख करना पड़ता था।
पूर्णकालिक कमिश्नर मिलने के बाद बदली तस्वीर
कई वर्षों बाद गढ़वाल मंडल को पूर्णकालिक कमिश्नर मिला है।
पदभार संभालने के बाद आनंद स्वरूप ने स्वयं पौड़ी स्थित मंडल मुख्यालय में नियमित रूप से बैठने का निर्णय लिया है।
उनका मानना है कि यदि शीर्ष अधिकारी मुख्यालय में मौजूद रहेंगे
तो अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देश
गढ़वाल कमिश्नर ने मंडल स्तर के विभिन्न विभागों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को पौड़ी स्थित कार्यालयों में नियमित रूप से बैठने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि जनता को बेहतर सेवाएं तभी मिल सकेंगी,
जब अधिकारी अपने मुख्यालय में उपलब्ध रहेंगे और लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान करेंगे।
मुख्यालय छोड़ने से पहले देनी होगी सूचना
नई व्यवस्था के तहत अधिकारियों को मुख्यालय से बाहर जाने से पहले इसकी जानकारी देनी होगी।
आवश्यकता पड़ने पर अनुमति लेने की व्यवस्था भी लागू की गई है।
इस कदम का उद्देश्य बिना सूचना के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर रोक लगाना और जनता की परेशानी कम करना है।
अतिरिक्त जिम्मेदारी वाले अधिकारी भी रहेंगे जवाबदेह
अक्सर अतिरिक्त दायित्वों का हवाला देकर कई अधिकारी मंडल मुख्यालय में कम समय बिताते थे।
अब ऐसे अधिकारियों को भी यह तय करना होगा कि वे सप्ताह या महीने के किन दिनों में पौड़ी स्थित कार्यालय में उपलब्ध रहेंगे।
इस संबंध में जानकारी सार्वजनिक करने की भी तैयारी है, ताकि लोगों को पहले से पता चल सके कि संबंधित अधिकारी किस दिन कार्यालय में मौजूद रहेंगे।
जनता को मिलेगी राहत
गढ़वाल मंडल मुख्यालय की उपेक्षा को लेकर समय-समय पर स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने आवाज उठाई है।
कई बार इस मुद्दे को पर्वतीय क्षेत्रों की उपेक्षा से जोड़कर भी देखा गया।
ऐसे में कमिश्नर आनंद स्वरूप की पहल को महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है तो पौड़ी की प्रशासनिक गतिविधियों को मजबूती मिलने के साथ ही आम जनता को भी बड़ी राहत मिल सकती है।
निर्देशों के अनुपालन पर रहेगी नजर
गढ़वाल कमिश्नर कार्यालय की ओर से संकेत दिए गए हैं कि जारी निर्देशों को केवल औपचारिकता के रूप में नहीं लिया जाएगा।
अधिकारियों की उपस्थिति और व्यवस्था के अनुपालन पर नियमित निगरानी रखी जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि इससे मंडल मुख्यालय की उपयोगिता बढ़ेगी और जनता को अपने कार्यों के लिए अनावश्यक भटकना नहीं पड़ेगा।















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