हरिद्वार के मोतीचूर क्षेत्र में कथित अवैध मिट्टी उठान की शिकायत की जांच के दौरान जिला खनन अधिकारी और उत्तराखंड
क्रांति दल (यूकेडी) के जिलाध्यक्ष गोकुल सिंह रावत के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर
वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।
अवैध मिट्टी उठान की शिकायत पर पहुंचे थे अधिकारी
यूकेडी जिलाध्यक्ष गोकुल सिंह रावत ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि मोतीचूर रेलवे स्टेशन के बाहर नाले की खुदाई से
निकाली गई मिट्टी बिना अनुमति के एक आश्रम की खाली भूमि में डाली जा रही है। शिकायत के बाद जिलाधिकारी के निर्देश
पर जिला खनन अधिकारी काजिम रजा मौके पर जांच के लिए पहुंचे थे।
जांच के दौरान बढ़ी कहासुनी
मौके पर पहुंचने के बाद गोकुल सिंह रावत और खनन अधिकारी के बीच बहस शुरू हो गई। रावत का आरोप है कि उन्होंने
अधिकारियों को उस स्थान की जानकारी दी जहां मिट्टी डाली जा रही थी, लेकिन जांच के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार
किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद मीडिया कर्मियों के साथ भी अधिकारी का व्यवहार ठीक नहीं था।
यूकेडी ने उठाए सवाल
गोकुल सिंह रावत ने आरोप लगाया कि बिना अनुमति मिट्टी का उठान किया गया और मामले में मिलीभगत की आशंका है।
उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद संबंधित विभागों ने समय पर कार्रवाई नहीं की। उन्होंने जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री
से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक दिखाई दे रही है।
वीडियो सामने आने के बाद यूकेडी कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है।
खनन अधिकारी ने आरोपों को बताया निराधार
जिला खनन अधिकारी काजिम रजा ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्हें बिना अनुमति मिट्टी उठाने की
शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर उन्होंने मौके का निरीक्षण किया। उनके अनुसार मिट्टी की पैमाइश की गई है और जांच
रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार पेनल्टी लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
फिलहाल मामले को लेकर दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।















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