गगनयान मिशन से जुड़े कर्मचारियों के इस्तीफे रोकने के निर्देश
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के कुछ वैज्ञानिकों के इस्तीफों की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने इसरो को निर्देश दिया है कि गगनयान मिशन और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं
से जुड़े वैज्ञानिकों एवं तकनीकी विशेषज्ञों के इस्तीफे फिलहाल स्वीकार न किए जाएं।
स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के मामलों पर भी तत्काल अनुमति नहीं देने को कहा गया है।
ध्यान दें: लगभग 100 वैज्ञानिकों के इस्तीफे की संख्या को लेकर विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है, लेकिन सरकार और अंतरिक्ष विभाग ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
क्या हैं सरकार के नए निर्देश
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार ने इसरो के लिए नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत:
- गगनयान और अन्य राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं से जुड़े ग्रुप-ए वैज्ञानिकों के इस्तीफे सामान्य प्रक्रिया से स्वीकार नहीं होंगे।
- अंतिम मंजूरी अब अंतरिक्ष विभाग (Department of Space) मुख्यालय स्तर पर दी जाएगी।
- वीआरएस (Voluntary Retirement Scheme) के मामलों पर भी फिलहाल रोक जैसी व्यवस्था रहेगी।
- उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशनों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
इस्तीफों को लेकर क्या है विवाद
हाल के दिनों में मीडिया में यह दावा किया गया कि बेंगलुरु स्थित यूआर राव सैटेलाइट सेंटर और तिरुवनंतपुरम स्थित
विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर से बड़ी संख्या में वैज्ञानिकों ने इस्तीफा दिया है।
हालांकि, इस संबंध में न तो इसरो और न ही केंद्र सरकार ने किसी आधिकारिक आंकड़े की पुष्टि की है।
सरकार और विपक्ष की अलग-अलग राय
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सोशल मीडिया पर कहा कि यदि बड़ी संख्या में वैज्ञानिक इसरो छोड़ रहे हैं
तो सरकार को इसके कारणों की जांच करनी चाहिए, न कि इस्तीफा देने की प्रक्रिया को कठिन बनाना चाहिए।
वहीं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह फैसला पूरी तरह प्रशासनिक है और इसे किसी विवाद से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “कई लोग गए हैं, कई लोग आए हैं।” उनके अनुसार, इसरो में निर्णय अब अधिक परिपक्व स्तर पर लिए जाएंगे ताकि राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाएं प्रभावित न हों।
गगनयान मिशन पर नहीं पड़ेगा असर
डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि पूर्व इसरो अध्यक्ष एस. सोमनाथ के कार्यकाल समाप्त होने या अन्य बदलावों से गगनयान मिशन प्रभावित नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि इसरो संस्थागत निरंतरता के आधार पर कार्य करता है और सेवानिवृत्त वैज्ञानिक भी बड़े मिशनों में योगदान देते रहते हैं।
क्यों लगाई जा रही हैं इस्तीफों की अटकलें?
हालांकि आधिकारिक तौर पर कोई कारण नहीं बताया गया है, लेकिन विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की चर्चाओं में कुछ संभावित वजहें सामने आई हैं:
- निजी अंतरिक्ष कंपनियों में बेहतर वेतन और अवसर
- अत्यधिक कार्य दबाव और तनाव
- पदोन्नति प्रणाली को लेकर असंतोष
- संगठनात्मक कार्य संस्कृति और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी चुनौतियां
इन कारणों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
















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