नागपुर में NEET अभ्यर्थी ने की आत्महत्या
महाराष्ट्र के नागपुर में NEET-UG 2026 की अभ्यर्थी आकांक्षा चतुर्वेदी की कथित आत्महत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है।
छात्रा के परिवार को उसकी किताबों के बीच एक हस्तलिखित नोट मिला है, जिसमें उसने री-एग्जाम को लेकर अपनी चिंता और डर जाहिर किया है।
री-एग्जाम को लेकर जताया था डर
आकांक्षा ने 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा दी थी। हालांकि पेपर लीक के आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA)
ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया था। बताया जा रहा है कि इसी फैसले के बाद
छात्रा तनाव में रहने लगी थी।
सुसाइड नोट में माता-पिता से मांगी माफी
हस्तलिखित नोट में आकांक्षा ने लिखा कि उसे दोबारा परीक्षा देने का साहस नहीं है।
उसने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि पहली परीक्षा में अच्छे अंक आने की उम्मीद थी, लेकिन दोबारा उतने अच्छे प्रदर्शन की कोई गारंटी नहीं है।
मध्य प्रदेश के मऊगंज की रहने वाली थी आकांक्षा
18 वर्षीय आकांक्षा चतुर्वेदी मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की निवासी थी।
वह नागपुर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। परिवार के अनुसार,
पहली परीक्षा के बाद वह 650 से अधिक अंक मिलने को लेकर काफी आश्वस्त थी।
परीक्षा रद्द होने के बाद बढ़ी चिंता
परिजनों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक की खबरों के बाद आकांक्षा मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी।
वह भविष्य और दोबारा परीक्षा को लेकर लगातार चिंतित थी।
20 मई को हुई थी घटना
पुलिस के अनुसार, 20 मई को आकांक्षा ने दोपहर में भोजन करने से मना कर अपने कमरे में चली गई थी।
कुछ घंटे बाद परिजनों ने उसे कमरे में फंदे से लटका पाया। प्रारंभिक जांच में मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था।
पुलिस कर रही मामले की जांच
परिजनों द्वारा नोट सौंपे जाने के बाद पुलिस ने उसे जांच का हिस्सा बना लिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
















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