गिरफ्तार असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार गुप्ता के डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच जारी
उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) के पेपर लीक मामले की जांच लगातार गहराती जा रही है।
मामले में गिरफ्तार असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार गुप्ता से पूछताछ के बाद पुलिस को
आशंका है कि प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं केवल मौजूदा परीक्षा तक सीमित नहीं हो सकतीं।
इसी वजह से वर्ष 2010 से अब तक आयोजित कई परीक्षाओं को जांच के दायरे में लिया गया है।
कई इंजीनियरिंग कॉलेजों में रहे तैनात
पुलिस जांच के अनुसार, डॉ. आशीष कुमार गुप्ता पिछले करीब 16 वर्षों में उत्तराखंड के कई निजी इंजीनियरिंग संस्थानों में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत रहे।
उन्होंने मार्च 2010 से जुलाई 2013 तक DIT यूनिवर्सिटी, अगस्त 2013 से सितंबर 2018 तक JBIT,
सितंबर 2018 से जुलाई 2019 तक उत्तरांचल यूनिवर्सिटी और जुलाई 2019 से जुलाई 2026 तक
शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में सेवाएं दीं।
कई बार तैयार किए थे प्रश्नपत्र
जांच में सामने आया है कि डॉ. गुप्ता को UTU की विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी कई बार सौंपी गई थी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उन्होंने किन-किन परीक्षाओं के प्रश्नपत्र तैयार किए और क्या पहले भी किसी परीक्षा की गोपनीयता भंग हुई थी।
डिजिटल साक्ष्यों की हो रही फॉरेंसिक जांच
पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस डॉ. गुप्ता के मोबाइल फोन, लैपटॉप, ई-मेल, व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच करा रही है।
जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि पेपर लीक का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
कॉलेज ने किया बर्खास्त
गिरफ्तारी के बाद शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग ने डॉ. आशीष कुमार गुप्ता की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। कॉ
लेज के निदेशक प्रो. टी.एस. सिद्धू ने बताया कि नियमानुसार नोटिस जारी करने के बाद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है।
वहीं UTU ने भी डॉ. गुप्ता को अगले सात वर्षों तक सभी परीक्षा संबंधी गतिविधियों से प्रतिबंधित कर दिया है।
शिकायत के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
UTU के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल की लिखित शिकायत पर देहरादून के प्रेमनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि 7 और 8 जुलाई को होने वाली आंतरिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों की
गोपनीयता भंग कर कुछ छात्रों को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया।
इन विषयों के पेपर हुए थे लीक
यह मामला मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी विषयों की परीक्षाओं से जुड़ा है।
परीक्षा से पहले ही दोनों विषयों के प्रश्नपत्र छात्रों तक पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह घटना किसी बड़े और पुराने नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं थी।















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