विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर शेमफोर्ड फ्यूचरिस्टिक स्कूल बेलकंडी पौड़ी गढ़वाल के विद्यार्थियों ने नगर के
विभिन्न मार्गों से एक भव्य जागरूकता रैली निकाली। रैली का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक
करना और धरती को बचाने का संदेश देना था। विद्यार्थियों ने हाथों में पोस्टर और स्लोगन लेकर आमजन को जागरूक किया।
नुक्कड़ नाटक और समूह गान से दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने गोला बाजार क्षेत्र में नुक्कड़ नाटक का प्रभावशाली मंचन किया, जिसमें दिखाया
गया कि किस तरह मानव की लापरवाह गतिविधियां धरती को नुकसान पहुंचा रही हैं। इसके साथ ही समूह गान के
माध्यम से भी पर्यावरण बचाने का संदेश दिया गया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
विद्यार्थियों की सोच: छोटे कदम, बड़ा बदलाव
जब विद्यार्थियों से बातचीत की गई, तो उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने विचार साझा किए। एक छात्र ने
बताया कि छोटी दूरी के लिए वाहन का उपयोग करने के बजाय पैदल चलना चाहिए, जिससे वायु प्रदूषण कम
होगा। वहीं, अन्य छात्रों ने अधिक से अधिक पेड़ लगाने और पानी की बचत करने पर जोर दिया।
स्वच्छता और जिम्मेदारी पर दिया जोर
विद्यार्थियों ने यह भी कहा कि यात्रा के दौरान कचरा इधर-उधर फेंकने के बजाय उसे अपने पास रखना चाहिए
और बाद में कूड़ेदान में डालना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारी समझें और
स्वच्छता को अपनी आदत बनाएं।
सरकार से अपेक्षा के साथ आत्म-जागरूकता पर बल
छात्रों ने यह भी कहा कि लोग अक्सर सरकार से साफ-सफाई और बेहतर सुविधाओं की उम्मीद करते हैं,
लेकिन असली बदलाव तब आएगा जब हर व्यक्ति अपने स्तर पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति
जागरूक होगा। सिविक सेंस का विकास ही स्वच्छ और स्वस्थ भारत की नींव है।
एक संदेश – “धरती है तो हम हैं”
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने एकजुट होकर संदेश दिया कि यदि आज हम पर्यावरण की रक्षा नहीं करेंगे, तो
आने वाली पीढ़ियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
इस पहल ने नगरवासियों को सोचने पर मजबूर किया और एक सकारात्मक संदेश दिया कि छोटे-छोटे प्रयासों से
बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।















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