2027 विधानसभा चुनाव में सभी 70 सीटों पर लड़ने का ऐलान
ऊखीमठ क्षेत्र के स्यालसौड़ में उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) की केंद्रीय कार्य समिति की महत्वपूर्ण चिंतन बैठक संपन्न हुई।
बैठक में जल, जंगल, जमीन, पलायन, बेरोजगारी और स्थायी राजधानी गैरसैंण
जैसे प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई।
पार्टी नेताओं ने कहा कि राज्य गठन के मूल उद्देश्य आज भी अधूरे हैं और इन्हीं मुद्दों को लेकर उक्रांद आगामी रणनीति तैयार कर रहा है।
पार्टी पहले भी सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ने का संकेत दे चुकी है।
प्रदेश के मूल मुद्दों पर हुआ मंथन
बैठक में केंद्रीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि वर्षों से सत्तासीन दल प्रदेश के संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं कर पाए,
जिससे आम जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका।नेताओं ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई और कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी प्राकृतिक संपदा से है, जिसे बचाना जरूरी है।
इसके साथ ही युवाओं का पलायन और बढ़ती बेरोजगारी भी बैठक का प्रमुख मुद्दा रहा।
नेताओं ने कहा कि क्षेत्रीय दल ही इन मुद्दों को मजबूती से उठा सकता है।
गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने पर जोर
उक्रांद नेताओं ने स्पष्ट किया कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग पर पार्टी मजबूती से आगे बढ़ेगी।
उनका कहना था कि गैरसैंण भौगोलिक और सांस्कृतिक दृष्टि से उत्तराखंड के लिए सबसे उपयुक्त राजधानी है
और जनता की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में पार्टी नेताओं ने कहा कि उक्रांद 2027 विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 70 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगा।
पार्टी नेतृत्व ने कहा कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा और गांव-गांव जाकर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। यह रुख पार्टी के हालिया बयानों से भी मेल खाता है।
ये नेता रहे मौजूद
बैठक में केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती, पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी, पुष्पेश त्रिपाठी, पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष पूरण सिंह कठैत, कार्यकारी अध्यक्ष पंकज ब्यास, सुशील उनियाल, गणेश काला, आशुतोष नेगी, किरण रावत, रेखा, रमा चौहान, रुद्रप्रयाग जिलाध्यक्ष बलवीर चौधरी, कार्यक्रम संयोजक देवेंद्र चमोली और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी आशुतोष भंडारी मौजूद रहे।


















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