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कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में ‘कॉर्बेट अवॉर्ड’ की शुरुआत

वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में बैठक, 90 साल पूरे होने पर फेस्टिवल और कई बड़े फैसले

संरक्षण कार्यों की समीक्षा के लिए अहम बैठक

उत्तराखंड के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में संरक्षण कार्यों की समीक्षा और भविष्य की योजनाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

यह बैठक कॉर्बेट टाइगर फाउंडेशन के तहत हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने की।

बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए, जिनका उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण को और मजबूत बनाना है।

‘कॉर्बेट अवॉर्ड’ से मिलेगा प्रकृति प्रेमियों को सम्मान

बैठक का सबसे बड़ा निर्णय ‘कॉर्बेट अवॉर्ड’ की शुरुआत रहा। यह पुरस्कार उन लोगों को दिया जाएगा,

जिन्होंने वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता बचाने, मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने और पर्यावरण सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है।

इस अवॉर्ड के तहत चयनित व्यक्ति को 5 लाख 1 हजार रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी।

वन विभाग का मानना है कि इससे प्रकृति प्रेमियों को प्रोत्साहन मिलेगा और समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

कॉर्बेट के 90 साल पूरे होने पर होगा फेस्टिवल

देश के सबसे पुराने टाइगर रिजर्व में शामिल कॉर्बेट के लगभग 90 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं।

इस अवसर पर तीन दिवसीय कॉर्बेट फेस्टिवल आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

फेस्टिवल में कॉर्बेट के इतिहास, जैव विविधता और संरक्षण प्रयासों को प्रदर्शित किया जाएगा।

साथ ही इसमें विशेषज्ञों, पर्यावरणविदों और प्रकृति प्रेमियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।

पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं पर जोर

बैठक में टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने और पर्यटन प्रबंधन को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

सरकारी गेस्ट हाउसों को पर्वतीय वास्तुकला के अनुरूप विकसित करने का फैसला लिया गया, ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके और स्थानीय संस्कृति भी संरक्षित रहे।

इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में सोलर लाइट लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

वॉच टावर और निगरानी व्यवस्था होगी मजबूत

वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वॉच टावरों को फिर से सक्रिय करने का निर्णय लिया गया।

इन्हें आधुनिक तकनीक और उपकरणों से लैस किया जाएगा, जिससे निगरानी व्यवस्था और मजबूत होगी।

इससे जंगल में होने वाली गतिविधियों पर बेहतर नजर रखी जा सकेगी और संरक्षण कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

बजट को मिली मंजूरी, नए वाहन भी शामिल

बैठक में कॉर्बेट टाइगर फाउंडेशन के पिछले दो वर्षों के बजट को भी स्वीकृति दी गई।

वर्ष 2024 के लिए 29 लाख रुपये और 2025 के लिए 27 लाख रुपये के बजट को मंजूरी मिली।

इसके अलावा CSR के तहत मिले 4 वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिससे फील्ड कार्यों में तेजी आएगी।

संरक्षण और पर्यटन के बीच संतुलन जरूरी

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संरक्षण और पर्यटन के बीच संतुलन बनाकर योजनाओं को आगे बढ़ाया जाए।

उन्होंने कहा कि कॉर्बेट देश की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है, जिसके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है।

https://regionalreporter.in/karnaprayag-sangam-youth-jump-death-rescue-news/
https://youtu.be/qUTHnPnwFL4?si=h1tYsho7exHqeW9Y
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