मक्कूमठ से रवाना होगी भगवान तुंगनाथ की डोली, भक्ति में डूबेगा पूरा क्षेत्र
पंच केदारों में तृतीय केदार के रूप में प्रसिद्ध तुंगनाथ धाम की पावन यात्रा का शुभारंभ सोमवार से होगा।
भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ से कैलाश के लिए रवाना होगी।
डोली के धाम पहुंचने पर 22 अप्रैल को वेद ऋचाओं और “बम-बम भोले” के जयघोष के साथ तुंगनाथ धाम के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए जाएंगे।
भक्ति और परंपरा के बीच निकलेगी डोली
डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित के अनुसार:
- डोली वैदिक मंत्रोच्चारण, भजनों और जयकारों के साथ रवाना होगी
- पहला रात्रि प्रवास भूतनाथ मंदिर में होगा
- यहां आयोजित पुढखी मेला में भगवान को नए अनाज का भोग लगाया जाएगा

यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम
मंदिर समिति प्रबंधक बलवीर सिंह नेगी ने बताया:
- 21 अप्रैल:
- भूतनाथ मंदिर से प्रस्थान
- पाव, चिलियाखोड़, पगेर, बनियाकुंड होते हुए
- अंतिम रात्रि प्रवास चोपता
- 22 अप्रैल:
- चोपता से प्रस्थान
- बुग्यालों के बीच होते हुए तुंगनाथ धाम आगमन
- कपाट विधिवत खुलेंगे
8 कुंतल फूलों से सजेगा तुंगनाथ मंदिर
शिक्षाविद धीर सिंह नेगी के अनुसार:
- तुंगनाथ मंदिर को लगभग 8 कुंतल फूलों से सजाया जाएगा
- इसमें देहरादून के श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहेगा
- क्षेत्र में भक्तों के बीच भारी उत्साह देखने को मिल रहा है
आस्था के साथ प्राकृतिक सौंदर्य का संगम
तुंगनाथ यात्रा केवल धार्मिक महत्व ही नहीं रखती, बल्कि यह हिमालय की अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता का भी अनुभव कराती है।
चोपता से तुंगनाथ तक का मार्ग हरे-भरे बुग्यालों, बर्फ से ढकी चोटियों और शांत वातावरण के बीच होकर गुजरता है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों को आकर्षित करता है।















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