नई दिल्ली में हुआ राष्ट्रीय स्तर का आयोजन
देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित विज्ञान केंद्र में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 2026 बड़े उत्साह के साथ मनाया गया।
यह कार्यक्रम ग्रामीण भारत को मजबूत बनाने और पंचायत व्यवस्था को सशक्त करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
देशभर से पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
उत्तराखंड से पहुंचे 50 ग्राम प्रधान
इस अवसर पर उत्तराखंड से 50 ग्राम प्रधानों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया।
इनमें टिहरी जिले के 10 ग्राम प्रधान भी शामिल रहे।
ग्राम प्रधानों के चयन को उनके पंचायत क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर किया गया था।
केंद्रीय मंत्री ने किया सम्मानित
कार्यक्रम में केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री एस. पी. सिंह बघेल ने सभी चयनित ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की सबसे मजबूत इकाई हैं।
ग्रामीण विकास और योजनाओं पर विस्तृत चर्चा
इस अवसर पर गांवों के विकास की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई।
प्रधानों ने अपने-अपने क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं की जानकारी साझा की।
साथ ही नई योजनाओं को गांव स्तर पर लागू करने पर विचार-विमर्श किया गया।
16वें वित्त आयोग पर बड़ी जानकारी
केंद्रीय मंत्रालय ने बताया कि पंचायतों के विकास के लिए 16वें वित्त आयोग की धनराशि को बढ़ाकर 85 प्रतिशत किया गया है।
इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और गति मिलने की उम्मीद है।
टिहरी के कई गांवों को मिला सम्मान
टिहरी जिले के रौलाकोट, भेंनगी, पातुड़ी सहित कई गांवों के ग्राम प्रधानों को उनके सराहनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
इन प्रधानों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया है।
वरिष्ठ अधिकारी भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इनमें संयुक्त सचिव मुक्ता शेखर, राजेश कुमार सिंह और सचिव विवेक भारद्वाज शामिल रहे।
पंचायत उन्नति सूचकांक और पुस्तकों का विमोचन
कार्यक्रम में पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) 2.0 की रिपोर्ट जारी की गई।
साथ ही “मेरी पंचायत मेरी धरोहर” पर आधारित तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।
इसके अलावा ग्रामीण विरासत पर आधारित सचित्र पुस्तकों का भी विमोचन किया गया।
इनमें उत्तरकाशी की सांस्कृतिक धरोहर पर विशेष पुस्तक “सौम्य काशी: हिमालयी विरासत की आत्मा” भी शामिल रही।
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस का महत्व
हर साल 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है।
यह दिन 73वें संविधान संशोधन अधिनियम 1992 के लागू होने की याद दिलाता है, जिसने पंचायतों को संवैधानिक दर्जा दिया।
भारत में पंचायतों की स्थिति
देशभर में 2.5 लाख से अधिक पंचायतें सक्रिय हैं।
इनमें लगभग 24 लाख निर्वाचित प्रतिनिधि कार्य कर रहे हैं।
इनमें करीब 50 प्रतिशत महिलाएं भी शामिल हैं, जो ग्रामीण नेतृत्व में बड़ा बदलाव दर्शाता है।
















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