उत्तराखंड के देवप्रयाग में हुए भीषण सड़क हादसे (Devprayag Accident) के घायल 12 वर्षीय बच्चे के लिए राहत भरी खबर है।
श्रीनगर बेस अस्पताल के डॉक्टरों ने दो दिन की कड़ी मेहनत के बाद मासूम आयुष्मान (Ayushman) की जान बचा ली है।
गुरुवार को आयुष्मान की हालत स्थिर होने पर उसे प्रशासन की मदद से हेली सेवा (Air Ambulance) द्वारा AIIMS Rishikesh रेफर कर दिया गया।
Devprayag Accident: वेंटिलेटर पर लड़ रहा था जिंदगी की जंग
हादसे के बाद आयुष्मान को बेहद गंभीर हालत में राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के बेस अस्पताल लाया गया था।
डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे के सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई थीं। साथ ही उसके पैर में फ्रैक्चर भी था।
स्थिति की नाजुकता को देखते हुए मेडिकल टीम ने आयुष्मान को तुरंत आईसीयू (ICU) में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे उसकी निगरानी कर रही थी।
इलाज रंग लाया: होश में आते ही पिता से की बात
डॉक्टरों की दो दिन की मेहनत आखिरकार रंग लाई। गुरुवार को आयुष्मान को होश आ गया।
उसकी सेहत में सुधार देखते हुए डॉक्टरों ने वेंटिलेटर सपोर्ट हटा दिया है।
होश में आने के बाद आयुष्मान ने अपने पिता से इशारों में बातचीत की। यह देखकर दो दिनों से परेशान परिजनों ने राहत की सांस ली।
इसके बाद परिजनों ने बेहतर इलाज के लिए उसे AIIMS Rishikesh ले जाने की इच्छा जताई।
बेस अस्पताल के आईसीयू नर्सिंग इंचार्ज विवेक त्यागी ने बताया:
“मेडिकल टीम ने पूरी तत्परता के साथ आयुष्मान का इलाज किया। डॉक्टरों की लगातार निगरानी के कारण ही बच्चे की स्थिति अब पूरी तरह स्थिर है।”प्रशासन ने उपलब्ध कराई हेली सेवा (Air Lift To AIIMS)
परिजनों के अनुरोध पर स्थानीय प्रशासन तुरंत एक्शन में आया। आयुष्मान को बिना समय गंवाए गुरुवार को हेली सेवा के माध्यम से एम्स ऋषिकेश भेजा गया।
डॉक्टरों की तत्परता और प्रशासन के इस कदम की सोशल मीडिया पर लोग जमकर तारीफ कर रहे है।

















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