रीजनल रिपोर्टर

सरोकारों से साक्षात्कार

देहरादून में राहुल गांधी का फोकस शिक्षा पर

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार को देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल हुए।

भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी और अभिभावक कार्यक्रम में पहुंचे।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को प्रमुख मुद्दा बनाया।

दिलचस्प बात यह रही कि पूरे कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी,

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान या मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का नाम लेकर कोई राजनीतिक हमला नहीं किया।

उनका पूरा भाषण छात्रों की समस्याओं और शिक्षा सुधार पर केंद्रित रहा।

छात्रों से सीधा संवाद, भाषण से पहले सुनी उनकी बातें

कार्यक्रम की शुरुआत में राहुल गांधी ने मंच से लंबा भाषण देने के बजाय छात्रों को अपनी बात रखने का मौका दिया।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने पेपर लीक, भर्ती में देरी और रोजगार से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।

राहुल गांधी ने कहा कि लाखों छात्र और उनके परिवार वर्षों की मेहनत और आर्थिक संघर्ष के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।

ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल परीक्षा नहीं, बल्कि युवाओं का विश्वास भी तोड़ देती हैं।

पेपर लीक और शिक्षा सुधार पर रखा जोर

अपने संबोधन में राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में बड़ी संख्या में पेपर लीक की घटनाएं हुईं,

जिससे करोड़ों छात्र प्रभावित हुए।

उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और युवाओं को समान अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत बताई।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है

और युवाओं के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।

नीट छात्रा रिया थापा के परिवार से की मुलाकात

कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने नीट परीक्षा के बाद आत्महत्या करने वाली छात्रा रिया थापा के परिजनों से भी मुलाकात की।

मंच से उन्होंने परिवार का दर्द सुना और प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते मानसिक दबाव का मुद्दा उठाया।

रिया थापा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी लंबे समय तक परीक्षा की तैयारी करती रही,

लेकिन पेपर लीक की खबर आने के बाद वह मानसिक रूप से टूट गई थी।

बारिश भी नहीं रोक सकी छात्रों का उत्साह

देहरादून में तेज बारिश के बावजूद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे।

कांग्रेस का दावा है कि कार्यक्रम के लिए 2.5 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया था। कार्यक्रम के दौरान युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

दिवंगत कांग्रेस कार्यकर्ता के परिवार से भी मिले राहुल

कार्यक्रम से पहले राहुल गांधी ने दिवंगत कांग्रेस कार्यकर्ता अमर मेहता के घर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की और शोक संवेदना व्यक्त की।

अमर मेहता की एक दिन पहले कार्यक्रम स्थल पर टेंट की लोहे की रॉड गिरने से मौत हो गई थी।

उत्तराखंड में क्यों अहम है यह मुद्दा

उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों के दौरान भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक के कई मामले सामने आए हैं।

कई परीक्षाएं रद्द हुईं और सरकार को सख्त कानून भी लागू करने पड़े।

ऐसे माहौल में राहुल गांधी का शिक्षा और भर्ती प्रणाली को मुख्य मुद्दा बनाना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

https://regionalreporter.in/sonam-wangchuk-hospital-jantar-mantar-protest/
https://youtu.be/q57gn6LdqUc?si=U0FuuH5G-c_N0_RK
Website |  + posts

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *