निलंबन के बाद शुरू हुई पुलिस जांच, चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में बदरीनाथ थाने में मुकदमा दर्ज, पुलिस ने शुरू की विवेचना
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
विभागीय निलंबन के बाद अब उनके खिलाफ बदरीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बीकेटीसी की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
बीकेटीसी के मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की लिखित तहरीर पर 8 जुलाई 2026 को बदरीनाथ थाने में एफआईआर संख्या 0006 दर्ज की गई।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 306 और 316(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

सोशल मीडिया पर सामने आया था मामला
तहरीर के अनुसार, 2 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया पर बदरीनाथ मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितता की सूचना सामने
आने के बाद बीकेटीसी ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी।
प्रारंभिक जांच में यह उल्लेख किया गया कि संबंधित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल द्वारा सुबह करीब 9 बजे से 9:30 बजे के बीच
मंदिर की धनराशि को कथित रूप से अनधिकृत तरीके से उठाया गया। इसके बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।
7 जुलाई को किया गया था निलंबित
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर बीकेटीसी ने 7 जुलाई 2026 को प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
समिति का कहना था कि उन्हें पद पर बनाए रखने से निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।

अब आपराधिक जांच भी शुरू
बीकेटीसी की ओर से पुलिस को तहरीर दिए जाने के बाद मामला अब विभागीय जांच से आगे बढ़कर आपराधिक जांच के दायरे में पहुंच गया है।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
हालांकि, एफआईआर दर्ज होना किसी व्यक्ति के दोषी होने का अंतिम प्रमाण नहीं है।
मामले में दोष या निर्दोषता का निर्धारण पुलिस जांच और न्यायालय की आगामी प्रक्रिया के आधार पर होगा।

















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